अररिया- कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम में महत्वपूर्ण होगी सीएचओ की भूमिका।

  • सामाजिक स्तर पर जागरूकता के लिये जिलास्तरीय प्रशिक्षण आयोजित।
  • सभी प्रखंडों में होगा फाइलेरिया क्लिनिक, सीएचओ करेंगे संचालन

अररिया, 23 सितंबर। कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता में समुदाय स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण साबित होगी। सामाजिक स्तर पर जागरूकता फैला कर कालाजार सहित वेक्टर बॉर्न डिजीज के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में किया गया। इसमें सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत सीएचओ व प्रखंड सामुदायिक समन्वयक सहित सहयोगी संस्था के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एक दिवसीय प्रशिक्षण में वेक्टर बॉर्न यानी मच्छर व मक्खी की वजह से होने वाले विभिन्न रोगों की रोकथाम व रोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं के साथ इसके उपचार की विधियों से कर्मियों को अवगत कराया गया।

दो सप्ताह से अधिक बुखार रहना कालाजार का लक्षण

डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार ने कहा कि वेक्टर जनित सभी रोगों में अमूमन रोगियों में बुखार की समस्या होती है। लेकिन विभिन्न रोगों में बुखार की अवधि, इसकी तीव्रता सहित कई अन्य अंतर पाये जाते हैं। किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक बुखार रहने व मलेरिया व टायफाइड की दवा के बाद भी बुखार ठीक नहीं होने के साथ रोगी का प्लीहा का बढ़ा होना कालाजार की संभावना को दर्शाता है। मलेरिया, टायफाइड, डेंगू सहित फाइलेरिया रोग से संबंधित उन्होंने विस्तृत जानकारी प्रशिक्षण के दौरान दी। उन्होंने बताया कि आस-पास का इलाका फाइलेरिया को लेकर बेहद संवेदनशील जोन में है। फाइलेरिया का अमूमन कोई इलाज नहीं है। इसमें हाथी पांव की शिकायत रोगियों के लिये बेहद पीड़ादायक है। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हर साल सरकार द्वारा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम संचालित किया जाता है। डीईसी व अल्बेंडाजोल की गोली अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से पांच सालों तक उपयोग करता है तो रोग की संभावना हमेशा के लिये खत्म हो जाती है।

सीएचओ करेंगे फाइलेरिया क्लिनिक का संचालन

डीवीबीडीसीओ ने बताया कि जल्द ही जिले के सभी प्रखंडों में फाइलेरिया क्लिनिक संचालित किये जाने की योजना है। सदर अस्पताल व अनुमंडल अस्पताल में अक्टूबर माह के अंत तक इसका संचालन शुरू हो जाएगा । उन्होंने कहा कि क्लिनिक का संचालन सीएचओ के माध्यम से किया जाना है। इसमें बुखार के लक्षण वाले सभी मरीजों का समुचित जांच व उपचार संभव होगा। इस क्रम में कालाजार व फाइलेरिया मरीजों को चिह्नित कर इसकी रिपोर्टिंग व समुचित चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा। प्रशिक्षण में पीसीआई के अंजनी मुदगल ने कालाजार उन्मूलन को लेकर संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी।

वेलनेस सेंटर का सफल संचालन सुनिश्चित करायें सीएचओ

सिविल सर्जन विधानचंद्र सिंह ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सफल संचालन को लेकर सभी सीएचओ को जरूरी निर्देश दिये। वेलनेस सेंटर पर प्रसव सेवा का संचालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने कहा कि समुदाय स्तर पर लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराना वेलनेस सेंटर का मुख्य उद्देश्य है। सभी सीएचओ को समुदाय के हितों को ध्यान में रखकर वेलनेस सेंटर का सफल संचालन सुनिश्चित कराने का निर्देश उन्होंने दिया। वहीं जपाईगो के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ याकूब मुजफ्फर ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के उद्देश्य व इससे संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में वीडीसीओ ललन कुमार, डीएमएनई पंकज कुमार, सभी सीएचओ, वीवीडीएस व बीसीएम सहित सहयोगी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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