अररिया- कुष्ठ रोगियों की खोज के लिये 10 से विशेष अभियान।

– सभी प्रखंडों में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कर रही रोगियों को चिह्नित
– शरीर पर उभर रहे दाग-धब्बे को न करे नजरअंदाज, हो सकते हैं कुष्ठ के लक्षण

अररिया, 07 अक्टूबर । जिले में कुष्ठ उन्मूलन को लेकर 10 अक्टूबर से 19 अक्टूबर के बीच लगातार 10 दिनों तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान का संचालन किया जायेगा। अभियान के तहत जिले के सभी 09 प्रखंडों में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वैच्छिक महिला व पुरूष कार्यकर्ताओं द्वारा रोगियों की खोज की जायेगी। एसीएमओ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि अभियान की सफलता को लेकर सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व अस्पताल उपाधीक्षक को जरूरी दिशा निर्देश दिये गये हैं। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सभी प्रखंडों के सभी क्षेत्रों में 2 वर्ष से ऊपर के लोगों का शारीरिक परीक्षण किया जायेगा। शरीर पर उभर रहे दाग-धब्बों की जांच की जायेगी। इसमें कुष्ठ के लक्षण दिखने पर नजदीक के चिकित्सा संस्थानों में मरीजों का इलाज सुनिश्चित कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा कुष्ठ रोगियों के नि:शुल्क इलाज का इंतजाम उपलब्ध कराया गया है।

शरीर पर दाग-धब्बे व सुन्न होना कुष्ठ के लक्षण

एसीएमओ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि शरीर के किसी अंग में उभर रहे दाग-धब्बे व उसमें सूनापन को नजरअंदाज करने से बचना चाहिये। किसी प्रकार के उभरे हुए दाग कुष्ठ रोग के सूचक हो सकते हैं। यदि शुरुआती दौर में इस तरह के लक्षण को नजरअंदाज किया जाए तो ये घातक हो सकता है।

समय पर इलाज कराकर हो सकते हैं ठीक

सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोग एक साधारण बीमारी है। जो किसी को भी हो सकता है। जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इसके निःशुल्क इलाज का इंतजाम है। इस बीमारी की समय से पहचान होने पर और 6 से 12 महीने तक लगातार दवा खाने से यह पूर्णत: ठीक हो सकता है। इसमें किसी तरह की लापरवाही का बुरा परिणाम हो सकता है। उन्होंने बताया कि रिएक्शन वाले कुष्ठ में टाइप वन व टाइप 2 तरह के कुष्ठ होते हैं। इसमें टाइप टू खतरनाक माना जाता है।

सामान्य लक्षणों के आधार पर रोग की पहचान आसान

सिविल सर्जन ने कहा कि त्वचा क्षति, मांसपेशियों की कमजोरी, हाथ व पैर का सुन्न होना आदि कुष्ठ रोग का लक्षण हो सकता है। किसी तरह का दाग व धब्बा रोग के सामान्य लक्षण हैं । ये रोग मुख्यत: लोगों के त्वचा और नसों को प्रभावित करता है। संक्रमित व्यक्ति में त्वचा विकृत हो जाती है।रोगी के त्वचा पर कई गांठ, घाव व बंप्स उभर आते हैं।

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