अररिया- जिलाधिकारी ने की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की गहन समीक्षा, दिये जरूरी निर्देश।

  • एएनसी जांच व संस्थागत प्रसव मामलों में अपेक्षित सुधार के लिये अधिकारी उठायें जरूरी कदम।
  • एएनएम की तरह आशा कार्यकर्ताओं की गतिविधियों का करें नियमित अनुश्रवण

अररिया, 23 अगस्त । जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य संबंधी मामलों की समीक्षात्मक बैठक मंगलवार को आयोजित की गयी। समाहरणालय स्थित परमान सभागार में गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव, नियमित व कोविड टीकाकरण, एनीमिया प्रबंधन को लेकर किये जा रहे विभागीय प्रयासों के अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी इनायत खान ने विभिन्न स्वास्थ्य मानकों में अपेक्षित सुधार को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई जरूरी निर्देश दिये। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ शिक्षा व आईसीडीएस के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस क्रम में जिले में संचालित “हर कदम बढ़ते कदम”अभियान के तहत बेहतर प्रदर्शन के लिये जिले की दो एएनएम रिंकी कुमारी कुर्साकांटा व कुसुम कुमारी नरपतगंज को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

प्रथम तिमाही में गर्भवतियों को करें चिह्नित

एएनसी जांच संबंधी मामले की समीक्षा के क्रम में कमतर प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर करते हुए डीएम ने सिकटी व कुर्साकांटा पीएचसी प्रभारी को इसमें सुधार को लेकर कड़े निर्देश दिये। एएनसी जांच मामले में समग्र रूप से जिले के प्रदर्शन में सुधार देखा गया। बीते जून माह में एएनसी जांच मामले में जिले की उपलब्धि 116 फीसदी थी। जुलाई महीने में ये बढ़ कर 127 प्रतिशत पर पहुंचा है। प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करते हुए पूरे प्रसव काल के दौरान चार एएनसी जांच सुनिश्चित कराने का निर्देश उन्होंने दिया। उन्होंने बताया कि जिले में फिलहाल 61 स्थानों पर प्रसव संबंधी सुविधाएं संचालित हैं। जुलाई महीने में जिले में जन्में 4716 नवजात में 3987 संस्थागत प्रसव हुए । जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव मामले में शत प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित कराने का आदेश दिया। इसके लिये चिह्नित संस्थानों में 24 गुणा 7 मोड में प्रसव सेवा का संचालन सुनिश्चित कराते हुए मातृ-शिशु मृत्यु दर से संबंधित मामलें में अपेक्षित सुधार का आदेश उन्होंने दिया।

आशा कार्यकर्ताओं के गतिविधियों का करें अनुश्रवण

एएनसी जांच व संस्थागत प्रसव के मामलों में सुधार को लेकर जिलाधिकारी ने क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं के गतिविधियों की सतत निगरानी व अनुश्रवण का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिये ऑब्जेक्टिव सीट तैयार कर आशा कर्मियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाये। कमतर प्रदर्शन पर उन्हें सुधार का अवसर दिया जाये। इसके बावजूद प्रदर्शन में सुधार नहीं होने पर संबंधित पीएचसी प्रभारी संबंधित आशा की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध करायें। ताकि उनके विरूद्ध ठोस प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। बावजूद इसके प्रदर्शन में सुधार नहीं होने पर संबंधित एमओआईसी इसके लिये जिम्मेदार होंगे। पीएचसी स्तर पर सभी कर्मी व संबंधित विभागों के परस्पर सहयोग से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार का आदेश उन्होंने दिया।

टीकाकरण मामले में सुधार को लेकर उठायें जरूरी कदम

टीकाकरण संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने नियमित टीकाकरण मामले में हर महीने 05 प्रतिशत तक वृद्धि सुनिश्चित कराने को कहा। वहीं कोरोना टीकाकरण मामले में प्रीकॉशन डोज के टीका से वंचित स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराने को कहा। इसके अलावा 12 से 14 व 15 से 18 आयु वर्ग के किशारों को टीकाकृत करने के उद्देश्य से जिले में विशेष अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। ड्यू लिस्ट के आधार पर 60 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों को प्रीकॉशन डोज का टीका लगाने को कहा। उन्होंने प्राइवेट स्कूल, कोचिंग संस्थानों में विशेष टीकाकरण अभियान संचालित करने को कहा। बैठक में एनसीडी स्क्रीनिंग, एनीमिया मुक्त भारत अभियान सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए डीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये। मौके पर सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह, डीडीसी मनोज कुमार, एसीएमओ डॉ राजेश कुमार, डीआईओ डॉ मोईज, सीडीओ डॉ वाईपी सिंह, डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ, डीपीओ आईसीडीएस रंजना सिंह, डीपीओ एसएसए मो राशिद सहित सभी एमओआईसी, बीएचएम, बीसीएम व सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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