अररिया- जिला अस्पताल में राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मिलेंगी प्रसव संबंधी सेवाएं।

  • प्रसव वार्ड व संबंधित आठ विभागों की सेवाओं के गुणवत्ता में सुधार का हो रहा प्रयास।
  • वर्ष 2022 तक राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस स्टैण्डर्ड प्रमाणीकरण प्राप्त करने का है लक्ष्य।
  • प्रसव सेवाओं की बेहतरी के संचालित सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम की हुई गहन समीक्षा

अररिया, 26 अगस्त । सदर अस्पताल में उपलब्ध प्रसव सेवाओं को राष्ट्रीय मानक के अनुरूप बनाने की कवायद की जा रही है। इसके लिये सरकार द्वारा सुरक्षित मातृत्व आश्वासन यानी सुमन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड व इससे संबंधित अन्य आठ विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सेवा आम लोगों को उपलब्ध कराया जाना है। गौरतलब है कि अस्पताल में उपलब्ध प्रसव सेवाओं को वर्ष 2022 तक राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस स्टैण्डर्ड एनक्यूएएस द्वारा प्रमाणीकृत कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित है। निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति को लेकर सदर अस्पताल सभागार में एसीएमओ डॉ राजेश कुमार की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की गयी। इसमें सुमन कार्यक्रम की सफलता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गयी। साथ ही कई जरूरी दिशा निर्देश दिये गये।

गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाओं की उपलब्धता उद्देश्य

जिला क्वालिटी एश्योरेंस पदाधिकारी मधुबाला ने कहा कि सुमन कार्यक्रम की सफलता से मातृत्व-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, ससमय सेवाओं की उपलब्धता, उपलब्ध सेवाओं के गुणवत्ता में सुधार, मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, रेफरल सेवाओं की मजबूती, प्रसव के लिये दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करने से संबंधित मामलों में अपेक्षित कमी संभव है। सुमन कार्यक्रम प्रसव के बाद अगले 06 माह तक महिला व बीमार नवजात को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा नि:शुल्क उपलब्ध कराने की गारंटी देता है।

शत प्रतिशत मातृ-मृत्यु दर की रिपोर्टिंग का लक्ष्य

केयर इंडिया के जिला कंस्लटेंट नौशाद आलम ने कहा कि मातृ-मृत्यु दर के शत प्रतिशत रिपोर्टिंग का लक्ष्य है। इसके लिये किसी भी व्यक्ति द्वारा समुदाय में होने वाली मृत्यु की सूचना देने पर उन्हें 01 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सेवाओं में किसी प्रकार की त्रुटि से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने व इसके तत्काल समाधान की व्यवस्था है।

मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती सुमन कार्यक्रम का लक्ष्य

बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसीएमओ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि जरूरी सेवाओं के अभाव व अनुपलब्धता की वजह से हर साल सैंकड़ों माता व उनके नवजात को अपनी जान गंवानी पड़ती है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित सुमन कार्यक्रम इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्धारित समय पर जिला अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणीकरण उपलब्ध होने का भरोसा दिलाया।

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