अररिया- जिले में बढ़ रहे हैं डेंगू के मामले, सावधान व सतर्क रहने की है जरूरत।

  • एक महीने में मिले हैं डेंगू के तीन नये मरीज, सभी की हालत सामान्य।
  • डेंगू की जांच व इलाज को लेकर जिले में उपलब्ध है पर्याप्त सुविधाएं

अररिया, 01 अक्टूबर।

त्योहारों के इस मौसम में जिले में डेंगू को लेकर चिंताएं बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में जिले में डेंगू के तीन नये मरीज मिले हैं। कुछ ऐसे भी मरीज हैं जिनका अब तक कुछ ट्रेस नहीं चला है। डेंगू संक्रमित सभी मरीज हाल हीं में दूसरे प्रदेश से लौटे हैं। वीडीसीओ ललन कुमार ने बताया कि जिले के कुर्साकांटा प्रखंड के डहुआबाड़ी, फॉरबिसगंज के एएनएम कॉलेज व नरपतगंज प्रखंड के पोठिया में अब तक डेंगू के मरीज मिले हैं। डेंगू संक्रमित मरीज मिलने के बाद प्रभावित गांव में फोगिंग करा दिया गया है। संक्रमित मरीजों की हालत सामन्य है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।

शरीर में असनीय दर्द व तेज बुखार है रोग का लक्षण

डेंगू को “हड्डी तोड़” बुखार के नाम से भी जाना जाता है। सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि शरीर में असनीय दर्द व तेज बुखार डेंगू के सामान्य लक्षणों में से एक है। डेंगू व चिकनगुनिया का रोग एक ही तरह के वायरस से होता है। चिकनगुनिया की तुलना में डेंगू ज्यादा खतरनाक होता है। डेंगू के मामले में अत्यधिक तेज बुखार, आंखों में दर्द, आंखों की पुतली घुमाने में भी असहनीय पीड़ा महसूस होती है। ऐसा कोई भी लक्षण होने पर नजदीकी अस्पताल में इलाज कराना जरूरी है।

डेंगू फैलाने में असक्षम हैं जिले के मच्छर

जिले में डेंगू फैलाने वाले एडिस मच्छर हैं। लेकिन वे खुद से डेंगू फैलाने में असक्षम हैं। जब तक कि वे मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को नहीं काट लेता। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों से जिले में डेंगू का कोई मामला नहीं आया है। जिनका की कोई ट्रेवल हिस्ट्री न हो। यानि सभी मरीज अररिया से बाहर संक्रमित होकर ही अपने गृह जिला लौटे हैं। मरीज मिलने के बाद प्रभावित मरीज के घर के आस-पास 200 से 300 घरों में फोगिंग कराया जाता है। ताकि इसके प्रसार की संभावना को नकारा जा सके।

बचाव के लिये करें मच्छरदानी का प्रयोग

डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि डेंगू से बचाव के लिये जरूरी है कि फुल स्लीव कपड़े पहने, सोने के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। गौरतलब है कि डेंगू के मच्छर दिन में भी काटता है। डेंगू के मच्छर साफ पानी में रहता है। कूलर, गमला, छत पर जमा पानी में ये आसानी से मिलते हैं। उन्होंने कहा कि पटना सहित हरियाणा, राजस्थान, बेंगलोर, दिल्ली जैसे इलाकों में डेंगू का प्रसार ज्यादा है। पर्व त्योहार के दौरान ऐसे जगहों से प्रवासी लौट रहे हैं। तो डेंगू के प्रसार का खतरा अभी बरकरार है। इसलिये विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। हल्के लक्षण दिखने पर भी समुचित जांच जरूरी है।

डेंगू के इलाज का जिले में है समुचित इंतजाम

जिले में डेंगू के इलाज का समुचित इंतजाम उपलब्ध है। डीवीबीडीसीओ डॉ अजय कुमार सिंह ने कहा कि जिले के सभी पीएचसी में इसकी सुविधा है। सदर अस्पताल व फारबिसगंज अनुमंडल अस्पताल में अलग से डेंगू वार्ड बना हुआ है। दोनों अस्पतालों में प्लेटलेट्स जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। डेंगू में एक होता है डेंगू हेमोरेजिक फीवर, जो सबसे अधिक खतरनाक होता है। इसमें प्लेटलेट्स की संख्या बहुत गिर जाती है। इसमें दांत, मुँह , शरीर के अंदर, मल के माध्यम से खून बाहर आना शुरू हो जाता है। ऐसे मरीजों को तत्काल प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत होती है। जो पूर्णिया व भागलपुर मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है। ऐसे मरीजों को फ्री एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध करायी जाती है।

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