अररिया- जिले में बूस्टर डोज के रूप में कोर्बेवैक्स का टीकाकरण शुरू।

  • दूसरे डोज के 06 माह या 26 सप्ताह बाद ले सकते हैं बूस्टर डोज का टीका।
  • संक्रमण के संभावित खतरों से बचाव का टीकाकरण महत्वपूर्ण विकल्प, पूर्ण टीकाकरण जरूरी

अररिया, 17 अगस्त। जिले में योग्य लाभुकों के टीकाकरण की प्रक्रिया जारी है। शत प्रतिशत लाभुकों को टीकाकृत करने के उद्देश्य से निरंतर जरूरी विभागीय प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में विशेष टीकाकरण अभियान और चिह्नित क्षेत्र में वंचितों के टीकाकरण को लेकर विशेष मुहिम संचालित किया जा रहा है। गौरतलब है कि अब तक कोवैक्सीन व कोविशील्ड का बूस्टर डोज लाभार्थियों को लगाया जा रहा था। अब लाभार्थियों को बूस्टर डोज के रूप में कोर्बेवैक्स वैक्सीन का उपयोग भी जिले में शुरू हो चुका है। इसे लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने सभी जिला पदाधिकारी व सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक दिशानिर्देश जारी किया है ।

दूसरे डोज के 06 माह या 26 सप्ताह के बाद ले सकते हैं प्रीकॉशन डोज

सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश के आलोक में 18 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग के लाभार्थी को प्रीकॉशन डोज के तहत कोवैक्सीन व कोविशील्ड की दोनों खुराक से आच्छादित लाभार्थी को कोर्बेवैक्स वैक्सीन से आच्छादित किया जा सकता है। दूसरी खुराक लेने के उपरांत छः माह या 26 सप्ताह की अवधि पूरी हो जाने के उपरांत कोर्बेवैक्स वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज लगायी जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिले में प्रीकॉशन डोज के रूप में कोर्बेवैक्स वैक्सीन का प्रयोग शुरू हो चुका है। जो आम लाभुकों के लिये फायदेमंद है।

संक्रमण से सुरक्षा के लिए पूर्ण टीकाकरण जरूरी

सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण के संभावित खतरों से निजात पाने के लिये टीका का संपूर्ण डोज लेना जरूरी है। पूर्ण टीकाकरण के बाद संक्रमण की संभावना को 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इसके बाद भी अगर कोई व्यक्ति संक्रमित होता है तो उन्हें इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती होने की नौबत नहीं आयेगी । संक्रमित व्यक्ति दो से तीन दिनों के अंदर स्वयं स्वस्थ हो जाता है।

वायरस के बदलते वैरिएंट से हमें सुरक्षित करता है टीकाकरण

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि पूरी दुनिया बीते दो साल से कोरोना महामारी की चपेट में है। इस दौरान कोरोना का वायरस बार-बार अपने स्वरूप में बदलाव कर रहा है। थोड़े अंतराल के बाद कोरोना का कोई नया वैरिएंट सामने आ जाता है। इससे बचाव का हमारे पास टीकाकरण एक बेहतर विकल्प है। लेकिन टीकाकरण के साथ कोरोना सुरक्षा मानकों का ध्यान रख कर हम स्वयं व समुदाय के अन्य लोगों को संक्रमण के खतरों से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।

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