अररिया- जिले में 5 सितंबर से शुरू होगा मिशन परिवार विकास अभियान।

– योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन उपायों के प्रति किया जाएगा जागरूक
– सहजतापूर्वक उपलब्ध होगा महिला बंध्याकरण व पुरुष नसबंदी की सेवा

अररिया, 03 सितंबर। जिले में 5 से 24 सितंबर के बीच मिशन परिवार विकास अभियान संचालित किया जाएगा। यह दो चरणों में होगा। अभियान के पहले चरण में 5 से 11 सितंबर के बीच दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा व 12 से 24 सितंबर के बीच परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान आम लोगों को छोटे परिवार के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा, योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी साधनों के बारे में समझाया जाएगा तथा सहजतापूर्वक संबंधित सेवा उपलब्ध है, यह भी बताया जाएगा। इस लिहाज से इस अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले में इस अभियान के सफल संचालन को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आगामी सोमवार को विशेष बैठक भी होगी ।

योग्य दंपतियों को किया जायेगा जागरूक

सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि अभियान के पहले चरण में ग्रामीण स्तर पर आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी, विकास मित्र आदि के सहयोग से योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई साधनों को अपनाने के लिए जागरूक किया जायेगा। दूसरे चरण में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के स्थाई साधन के रूप में महिला बंध्याकरण और पुरुष नसबंदी की सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ-साथ अस्थाई साधन के रूप में कॉपर-टी लगाने, गर्भनिरोधक व अंतरा इंजेक्शन के साथ-साथ कंडोम नि:शुल्क उपलब्ध कराया जायेगा।

सहज है परिवार नियोजन उपायों की उपलब्धता

डीपीएम स्वास्थ्य ने बताया कि जनसंख्या स्थिरीकरण के लिये जिले में समुचित प्रयास किये जा रहे हैं। इससे पूर्व 11 से 31 जुलाई के बीच जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा में कुल 428 योग्य महिलाओं का बंध्याकरण ऑपरेशन किया गया था। 13 पुरुषों ने नसबंदी करवाया। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल व अनुमंडल अस्पताल में पुरूष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध है। महिला बंध्याकरण की सुविधा सभी पीएचसी में उपलब्ध है। पलासी, रानीगंज, भरगामा में इसके लिये विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद हैं। अन्य स्थानों पर सूर्या क्लिनिक व एफआरएसएच नामक संस्था की मदद ली जा रही है।

ग्रामीण इलाके में होगा सघन प्रचार

जिला सामुदायिक समन्वयक रमन कुमार ने बताया कि अभियान की सफलता को लेकर ग्रामीण इलाकों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा। सारथी रथ नाम से ई-रिक्सा को प्रचार अभियान में लगाया जायेगा। प्रचार अभियान की सफलता के लिए संबंधित क्षेत्र की आशा फैसिलिटेटर प्रतिनियुक्त की जा रही हैं । स्थानीय आशा से समन्वय कर प्रचार के क्रम में गर्भनिरोधक गोली, कंडोम तत्काल उपलब्ध कराया जायेगा। ई-रिक्शा पर कॉन्ट्रासेप्टिक डिस्प्ले ट्रे व कंडोम बॉक्स में सामग्री उपलब्ध करायी जाएगी।

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