अररिया – डीएलएसए माध्यम से मिलेगा इलाज हेतु 03 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को 02 लाख रुपये की सहायता

  • बच्ची के साथ उसके मौसेरे भाई अब्दुल्ला उर्फ रहमानी ने किया था दुष्कर्म।
  • घटना 15 अगस्त 2022 की हैं।

नज़रिया न्यूज (विकास प्रकाश), अररिया। व्यवहार न्यायलय अररिया के एडीजे-06 सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश शशिकांत रॉय की अदालत ने भरी अदालत में महिला थाना कांड संख्या 47/22 की 03 वर्षीय नाबालिक बच्ची सह दुष्कर्म पीड़िता को अच्छे इलाज के लिए सहायता के रूप में अंतरिम प्रतिकर की राशि 02 लाख रुपये देने का आदेश जारी किया है।

यह अंतरिम प्रतिकर की राशि 02 लाख रुपये डीएलएसए सचिव के माध्यम से देने की बात कही गई हैं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी डॉ श्याम लाल यादव ने पत्रकारों को बताया कि पीड़िता को अंतरिम प्रतिकर की राशि 02 लाख रुपये देने के लिए एडीजे-06 सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश शशिकांत रॉय द्वारा डीएलएसए सचिव को पत्र भी लिखा गया है।

बताया जाता है कि 15 अगस्त 2022 को जहाँ देख आजादी के 75 वा अमृत महोत्सव मना रहा था, वही हैवानियत के दुश्मन द्वारा दुष्कर्म की घटना की जा रही थी।

पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी डॉ श्याम लाल यादव ने पत्रकारों को बताया कि 15 अगस्त 2022 को 3 वर्षीय बच्ची के साथ उसके मौसेरे भाई ने मौका का लाभ उठाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया हैं।

बताया गया कि दुष्कर्म की घटना से बच्ची सह पीड़िता का प्राइवेट पार्ट जख्मी हो गया तथा खून से लथपथ होकर बेहोश हो गई थी।

घटना को लेकर बच्ची की माँ द्वारा महिला थाना में अररिया आरएस अंतर्गत रुपौली गांव के वार्ड 06 के रहनेवाले 18 वर्षीय आरोपी अब्दुल्ला उर्फ रहमानी पिता मुजाहिद के विरुद्ध आवेदन दिया गया। जहाँ महिला थाना कांड संख्या 47/22 दिनांक 15 अगस्त 2022 दर्ज किया गया।

इस मामले में महिला थाना पुलिस मधु कुमारी द्वारा गहन छापेमारी कर 16 अगस्त 2022 को दुष्कर्म आरोपी अब्दुल्ला उर्फ रहमानी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई।

वही, न्यायलय मे 16 अगस्त 2022 को 03 वर्षीय नाबालिक बच्ची सह दुष्कर्म पीड़िता का बयान धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता का लेने के लिए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुश्री प्रीति रॉय की प्रतिनियुक्ति की गई।

ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सुश्री प्रीति रॉय ने 03 वर्षीय नाबालिक बच्ची सह दुष्कर्म पीड़िता, जो काफी छोटी व मासूम बच्ची होने की वजह से घटना के बारे में बोलने में असमर्थ तथा भयभीत होने के कारण उसकी माँ का बयान ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत लेते हुए अभिलेख व बयान दर्ज करने के बाद बंद लिफाफा को एडीजे-06 सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश शशिकांत रॉय की अदालत मे ससमय पेश कर दिया गया।

इधर, एडीजे-06 सह पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश शशिकांत रॉय ने मामले की गम्भीरता को देखते हुए बच्ची की समुचित इलाज हेतु अंतरिम प्रतिकर की राशि 02 लाख रुपए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के माध्यम से देने का आदेश किया।

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