अररिया- दक्षिणेश्वरी काली मंदिर जयनगर में भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन शुरू।

(अंकित सिंह) अररिया. जिले के भरगामा प्रखंड अंतर्गत दक्षिणेश्वरी काली मंदिर जयनगर में काली मंदिर के दरबार में भक्ति जागरण का आयोजन शुरू किया गया. नवाह संकीर्तन समिति जयनगर के आयोजनकर्ता मंदिर के मुख्य पुजारी तारानंद झा ने बताया कि दीपावली के शुभ अवसर पर माता रानी के पूजा स्थल व स्टेज पर दीप प्रज्वलित कर गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का आगाज किया गया. इस भजन संध्या में रोहित झा म्यूजिकल ग्रुप (सुपौल) के सदस्यों द्वारा हिंदी,भोजपुरी सहित कई भजन गाये गए. भजन संध्या में काली मां के चित्र पर पूजा अर्चना और आरती करने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया. गायक रतीश झा,आदर्श आनंद,दिनेश दीवाना,पप्पू पाराशर ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत कर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. गायक ने जय काली,जय काली,जय काली मां,हर हर शंभू शिवा महादेवा शंभू शंभू व कपूर गौरम करुणावतारं के धुन भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया. मौके पर हीरानंद झा,कलानंद झा,अनिल झा,बिनोदानंद झा,अमोदानंद झा,भालचंद्र वत्स,मनोहर वत्स,राजकिरन वत्स,आलोक वत्स,मयंक मनभावन,मुरारी झा,शरतचंद्र वत्स,रजतचंद्र वत्स,जीवत्स झा,राहुल झा,अजय झा,सूरज झा,गोल्डी मिश्रा,ऋतिक झा,रंजन चौधरी,निरज मिश्र,धनंजय वत्स सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे. मालूम हो कि जयनगर काली टोला में स्थित श्रीश्री 108 दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में 15 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक 09 दिनों का भक्ति जागरण का भव्य आयोजन प्रत्येक दिन रात्रि के सात बजे से 12 बजे तक चले वाले कार्यक्रम का 15 अक्टूबर शनिवार को मंदिर के मुख्य पंडित तारानंद झा द्वारा कार्यक्रम का आगाज कर दिया गया है. आपको बता दें कि दूरदराज के कलाकार जयनगर आकर अपनी जलवा बिखेरने का सिलसिला शुरू कर दिये हैं. ज्ञात हो कि इस मंदिर का स्थापना वर्ष 1659 में मंदिर के वर्तमान पंडित तारानंद झा के पूर्वज बैधनाथ झा दक्षिणेश्वरी काली मंदिर कलकत्ता से मिट्टी लाकर के पंडित रामकृष्ण परमहंस के द्वारा कच्ची मंदिर का स्थापना किया था. तब से इस मंदिर का पूजा-पाठ देखभाल,रखरखाव उनके वंशज द्वारा किया जा रहा है. बताया जाता है कि इस मंदिर का पक्की पुनर्निर्माण वर्ष 2000 में कराया गया है. इतना ही नहीं वर्ष 1659 से ही दीपावली के 09 दिन पहले से ही नवाह संकीर्तन करवाया जाता आ रहा है. यहां दीपावली के रोज हजारों की संख्या में मंदिर के वर्तमान पंडित तारानंद झा के छोटे भाई कलानंद झा द्वारा छागर,पाड़ा का बली भी प्रदान किया जाता है. यहां के ग्रामीणों का मानना है कि इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन अपनी मुरादें लेकर आते हैं उनकी मुरादें माता अवश्य पूरी करती है.

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