अररिया- मां शैलपुत्री की होगी पूजा, नवरात्रि को लेकर बजारों में खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़।

  • मां दुर्गा का आगमन व प्रस्थान दोनों हाथी पर होगा,भक्तों का दुख रोग का होगा विनाश।
  • जिला मुख्यालय मे दस जगह है मां का मंदिर, पूजा को लेकर भक्तों में है काफी उत्साह।
  • कलश स्थापना आज: 26/09/22

नजरिया न्यूज़ अररिया। पंडित ललित नारायण झा
शारदीय नवरात्र सोमवार को कलश स्थापना के शुरू होगा. पहले दिन भक्त मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना होगी. नवरात्र को लेकर पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए  बाजार में  भीड़ लगी रही. वही मंदिर व बड़े पैमाने पर लोग अपने घरों में कलश स्थापना कर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं. पूजा कमेटी पंडालों में कलश स्थापना को लेकर दिनभर व्यस्त रहें. वहीं लोग कपड़ा, बरतन, पूजन सामग्री, फल दुकानों में काफी भीड़ लगी रही है. दिनभर बाजार लोगों से गुलजार रहा.जबकि मंदिर परिसर व बाहर के हिस्सों में क ई तोरण द्वार व विशेष सजावट की गई है. सहारा समिति दुर्गा अररिया दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित ललित नारायण झा ने बताया कि इस बार माता रानी सोमवार को हाथी पर सवार होकर आ रही है. मां दुर्गा का आगमन व प्रस्थान दोनों हाथी पर होगा.कहा जाता है कि माता का हाथी पर प्रस्थान शुभ होता है. इस सवारी पर माता के आने व जाने से माता का सभी के दुख, रोग, संताप, शोक आदि ले जाती हैं. हाथी पर माता के आगमन व प्रस्थान से माता रानी अपने भक्तों को धन-धान्य का आशीर्वाद देकर जाती हैं.

यह दस मंदिरों में होता है मां दुर्गा का पूजा।

मुख्यालय में दस जगह हैं मां दुर्गा मंदिरों में पूजा की जाती है.शास्त्री नगर दुर्गा मंदिर, ठाकुरबारी दुर्गा मंदिर, अररिया आरएस दुर्गा मंदिर ,जयप्रकाश नगर दुर्गा मंदिर, आश्रम दुर्गा मंदिर, समिति दुर्गा मंदिर, आड़गरा दुर्गा मंदिर, पुराना मंडल कारा दुर्गा मंदिर, माता स्थान स्थित दुर्गा मंदिर, अररिया कोट दुर्गा मंदिर के अलावा प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में दुर्गा पूजा को लेकर रोजाना पूजा अर्चना की जाती है.

शारदीय नवरात्र करने वाले भक्तों को रखना होगा अपने सेहतर का पुरा ख्याल
-बीमार व रोजना दवा खाने वाले व्यक्ति नहीं रखें उपवास
-उपवास के दौरान अधीक-से अधीक पीये पानी, नहीं तो सेहत को पड़ सकता है बुरा असर, डॉ अभय कुमार

सोमवार यानी आज से नवरात्र शुरू हो रहा हैं. जबकि नवरात्र के दौरान व्रत रखने की परंपरा है. व्रत रखना या न रखना हरेक का अपना व्यक्तिगत पर नर्भर करता है. अगर आप व्रत रखने जा रही हैं तो कुछ बातों पर विचार जरूर करे. नवरात्र के अधिकांश लोग नौ दिनों तक उपवास रखते हैं. सच है कि श्रद्धालुओं के लिए उपवास का अपना एक विशेष महत्व है, लेकिन इस तथ्य से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि उपवास के दौरान शरीर के आंतरिक अंगों पर भी असर पड़ता है. जाहिर है, सेहत को देखते हुए भक्तों को उपवास कराना चाहिए. अगर आप अपने सेहत को थोड़ी सी अनंदेखी की तो इसका सीधा असर आप से सेहत पर पड़ सकता है. इसके लिए आप से आपने सेहतर को देखते ही उपवास करना चाहिए.डॉ अभय कुमार ने बताया कि उपवास का निर्णय व्यक्तिगत है, परंतु अगर आप डायबिटीज अर्थात मधुमेह से ग्रस्त हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए. उपवास के दौरान आपके आहार व जीवन-शैली में बदलाव आता है, जिस पर अगर ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति कभी-कभी हानिकारक साबित हो सकती है. उपवास से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधित जटिलताओं के बारे में विचार करने के बाद ही व्रत रखने का निर्णय लें, जो लोग डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर या गैस की समस्या  को नियंत्रित रखने के लिए दवाई का सेवन करते हैं, उन्हें उपवास नहीं रखना चाहिए.

ये लोग नहीं रखें उपवास,नहीं तो सेहत के पहुंच सकता है नुकसान

चिकित्सक डॉ अभय कुमार के माने तो नवरात्र के दौरान उपवास रखने वालें व्यक्ति को पहले अपने सेहत को पुरी तहर देख ले कि हम उपवास करने लाईक है या नहीं. अगर जिन लोगों को डायबिटीज अनियंत्रित है उन्हों उपवास नहीं रखना चाहिए, जबकि जिन लोगों को ब्डल प्रेशर व गैस की समस्या है उन्हें भी उपवास नहीं रखना चाहिए. अगर ये लोग उपवास रहते है तो इसका असर सिधे आपके सेहतर पर पड़ेगा. जिनकों ब्लड प्रेशर, डायबिटीज व गैस की समस्या नियंत्रित है वैसे लोग उपवास रख सकते है. उपवास रखने के दौरान भी अपकों सेहत का पुरा ख्याल रखना जरूरी है. बताया जाता है कि उपवास के दौरान आपकी जीवनशैली में जो बदलाव आता है, डॉक्टर उसके अनुसार आपकी दवा की खुराक में परिवर्तन कर सकते हैं. आमतौर पर लोग उपवास के दिनों में दवा लेना बंद कर देते हैं, जो उनकी सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.

उपवास के दौरान इन चीजों का करे सेवन।

डॉ अभय के अनुसार डायबिटीज वालों को एक नियमित अंतराल फल, बादाम, अखरोट, भुने हुए मखाने खाते रहना चाहिए. फलहारी करने वाले लोगों को कुछ देर में लोगों को फल या फल का जुस पीते रहना चाहिए. जिससे आपका बोडी संतुलित रहे. इसके अवाला इन दिनों कभी बारीश तो कफी धुप हो रहा है. ऐसे में लगातार पानी पीते रहे. जिससे आपकी सेहतर को ठीक रखा जा सके. अनेक लोग नवरात्र के उपवास में पूरे दिन कुछ न खाकर सिर्फ एक बार ही फलाहार लेते हैं, उन्हें हाइपोग्लाइसीमिया,शुगर का लो होना व लो ब्लड प्रेशर की परेशानी हो सकती है. जबकि आप को ब्लड शुगर हो जाये तो इसका लक्षण यह है.पसीना आना, घबराहट होना, हाथ-पैर कांपना व कमजोरी महसूस होना लो शुगर के लक्षण हैं. इन लक्षणों को चीनी, शहद व ग्लूकोज का सेवन करके दूर किया जा सकता है।

फोटो:-नानु बाबा

नवरात्रि को लेकर आज से काली मंदिर में रोजाना होगा पुष्पांजलि
-मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर को दिया जा रहा है भव्य रूप
——
प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में शारदीय नवरात्र को लेकर सोमवार से रोजाना मां काली का विशेष पूजा अर्चना व पुष्पांजलि किया जाएगा. इसको लेकर मंदिर में विशेष तैयारी की गई है. यह जानकारी मां खड्गेश्वरी महाकाली के साधक श्री स्वामी सरोजानंद जी महाराज उर्फ नानू बाबा ने दी. नानू बाबा ने बताया रात्रि आठ बजे से पहला पूजा से लेकर नवरात्रि तक पुष्पांजलि व विशेष पूजा अर्चना होगा. वही रोजाना विशेष पूजा अर्चना किया जायेगा.इस पुष्पांजलि व पूजा में भाड़ी संख्या में भकतगण भाग लेते है.मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.