अररिया में तीज एवं चौरचन पर्व पर पूजा-अर्चना करती महिलाएं।

  • अररिया में चौठचंद और तीज पर्व धूमधाम से मनाया गया

(अंकित सिंह।) अररिया जिले में मंगलवार को तीज एवं चौरचन पर्व श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। हरितालिका पर्व तीज एवं चौरचन के अवसर पर सुहागिन महिलाओं मे खासा उत्साह दिखा। इस मौके पर महिलाओं ने अपने पति के दीर्घायु को लेकर निर्जला व्रत भी रखी। महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी रचाई एवं मंदिर जाकर व अपने घरों में भी शिव पार्वती की विशेष पूजा अर्चना की तथा अपने पति की लंबी आयु की कामना की। वहीं नवविवाहिता महिलाओं ने सोलह सिंगार कर अपने पति की लंबी आयु के लिए डलीया भरी और हरितालिका तीज की कथा सुनी। मिथिला अपनी सभ्यता,संस्कृति एवं पर्व-त्योहारों की परंपराओं को लेकर प्रसिद्ध है। वैदिक काल से ही मिथिलांचल में पर्व-त्योहारों की अनुपम परंपरा रही है। मिथिला के त्योहारों में धार्मिक एवं ऐतिहासिक भावनाएं जुड़ी है। जो हमारी सांस्कृतिक चेतना को अक्षुण्ण रखती है। ऐसे ही त्योहारों में से एक है मिथिलांचल का प्रसिद्ध पर्व चौठ चंद्र। इसे स्थानीय मैथिली भाषा में चौरचन कहा जाता है। इधर चौरचन पर्व को लेकर मंगलवार को महिला श्रद्धालुओं ने देर शाम हाथ में फल,पकवान और दही लेकर चन्द्रमा का दर्शन करते हुए चंद्रमा को अर्घ्य दिया और अपने परिवार के सुख समृद्धि की मंगल कामनाएं की। जबकि चौरचन पर्व को लेकर अररिया,जोकीहाट,कुरसाकांटा,रानीगंज,सिकटी,पलासी,फारबिसगंज,नरपतगंज,भरगामा बाजार में खरीददारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में लोगों ने डलिया,फल एवं पूजा सामग्री की जमकर खरीदारी की। भीड़ के कारण बाजार में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।

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