अररिया : राष्ट्रीय लोक अदालत मे 04 करोड़ का समझौता कर 01 करोड़ 85 लाख 12 हज़ार 457 रुपये की वसूली हुई

– सर्वाधिक 1303 मामलो का हुआ निपटारा

नज़रिया न्यूज, विधि संवाददाता, अररिया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश के आलोक में शनिवार को व्यवहार न्यायालय अररिया के प्रांगण में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोेजन किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष कमल दीक्षित की अगुवाई मे सम्पन हुआ।

इस राष्ट्रीय लोक अदालत मे पिछले लोक अदालत से अधिक 1303 सुल्हानिये मामलो का निपटारा समझौते के आलोक में हुआ।

सर्वप्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्जवित कार्यक्रम से प्रारंभ हुआ।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश पियुष कमल दीक्षित, डीडीसी मनोज कुमार, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष मो हासिम व वरीय अधिवक्ता मो ताहा व लीड बैंक मैनेजर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस मौके पर व्यवहार न्यायालय अररिया के डीजे डिवीजन व सीजेएम डिवीजन से जुड़े कई न्यायिक पदाधिकारी गण के अलावा अधिवक्तागण व न्यायार्थियों सहित कोर्टकर्मी मौजूद दिखे।

इससे पूर्व एडीजे सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव धीरेन्द्र कुमार द्वारा सभी सम्मानित आगंतुकों का स्वागत बुके देकर किया गया।

एडीजे धीरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के पटल पर सुलहनीय आपराधिक वादों के 369 मामले, मोटर इंश्योरेस से संबंधित 06 मामले, मैट्रीमोनियल के 07 केसेस, बीएसएनएल के 40 मामले व एनआई एक्ट के 03, विविध सिविल के 02 मामलो का निपटारा पक्षकारों की मौजूदगी में किया गया।

वही जिला पदाधिकारी द्वारा गठित बेंच में कार्यपालिका की ओर से पीठासीन पदाधिकारी की ओर से 85 मामले निपटाये गये।

वही, जिले के सभी बैंक मिलकर कुल 791 मामलों में 03 करोड़ 99 लाख 64 हजार 532 रूपया समझौता के तहत 02 करोड़ 85 लाख 12 हजार 457 रूपया की वसूली किया गया।

एडीजे सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव धीरेन्द्र कुमार ने जानकारी दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक मामलो के निष्पादन के लिए ग्यारह बैच लगाये गये थे।

एडीजे धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि पहले बैच में परिवार न्यायालय से संबंधित वाद, आरबिट्रेल अवॉर्ड एंड आल एग्जेक्युशन केसेस के निपटारा के लिए एडीजे-02 संजय कुमार रॉय व महिला अधिवक्ता अंजना कुमारी गुप्ता को रखा गया था। इस बैंच मे 09 मामलों का निपटारा हुवा।

वही, दूसरे बैंच मे सभी न्यायलयों के एमएसीटी क्लेम वाद एवं सभी एक्साइज न्यायलयों के वाद से संबंधित स्पेशल एक्साइज जज फर्स्ट राजीव रंजन सिंह व अधिवक्ता सितेश कुमार सिन्हा को रखा गया। इस बैंच मे 72 मामलों का निपटारा हुवा।

वही, तीसरे बैच में सीजेएम, एसीजेएम-01 न्यायालय से संबंधित सभी आपराधिक एवं दीवानी वाद तथा बजाज फिनानस से संबंधित मामलों के लिए एसीजेएम-01 शैलेंद्र कुमार सिंह व अधिवक्ता कैलाश चन्द्र यादव को रखा गया था। इस बैंच मे 13 मामलों का निपटारा हुवा।

चौथे बैच में एसीजेएम-5 व अन्य सभी एसीजेएम (भेकेट) के न्यायलयों से संबंधित सभी आपराधिक एवं दिवानी वाद एवं सभी न्यायलयों के मापतौल एवं एनआई एक्ट तथा पीएनबी, बीओबी एवं अन्य बैंकों से संबंधित मामले जो किसी भी पीठ के समक्ष लिस्टेड नही है इन वादों का निपटारा के लिए एसीजेएम-5 रितु कुमारी व अधिवक्ता सरोज कुमार झा थे। इस बैंच मे 87 मामलों का निपटारा हुवा।

पांचवे बैच में एसडीजेएम अररिया के न्यायालय से संबंधित सभी आपराधिक एवं दिवानी वाद व सभी न्यायालयों के श्रम, परिवहन से संबंधित वाद व को-ऑपरेटिव बैंक एंड यूनियन बैंक से सभी संबंधित मामले इन वादों के निपटारा के लिए एसडीजेएम अमित वैभव व अधिवक्ता सुरेश राम को रखा गया। इस बैंच मे 12 मामलों का निपटारा हुआ।

छठे बैंच मे मुंसिफ न्यायालय से संबंधित वाद एवं सभी न्यायालयों के विधुत एवं वन अधिनियम से संबंधित वाद व बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े वाद तथा अन्य वाद जो किसी भी पीठ के समक्ष लिस्टेड नही है का निपटारा मुंसिफ मो मंजुर आलम व वरीय अधिवक्ता विनोद प्रसाद द्वारा किया गया। इस बैंच मे 63 मामलों का निपटारा हुवा।

सातवें बैंच मे जेएम क्रमशः प्रीति रॉय, शैलेंद्र कुमार व विशाल सिन्हा न्यायलयों से संबंधित सभी आपराधिक एवं दीवानी वाद तथा केनरा बैंक, इंडियन बैंक व आईओबी बैंक से संबंधित मामलों के निपटारे के लिये जेएम प्रीति रॉय व अधिवक्ता अवधेश कुमार झा को रखा गया। इस बैंच मे 39 मामलों का निपटारा हुवा।

आठवें बैंच मे जेएम क्रमशः आसिफ नवाज़, रोहित कुमार वर्मा व नवीन कुमार के न्यायलायो से संबंधित सभी आपराधिक एवं दीवानी वाद तथा सीबीआई व बीएसएनएल से संबंधित मामलों का निपटारा के लिए जेएम आशिफ नवाज़ व अधिवक्ता कौशल वर्मा को रखा गया। इस बैंच मे 38 मामलों का निपटारा हुवा।

नॉवे बैंच मे जेएम क्रमशः पवन कुमार चौधरी व ज्ञान प्रकाश के न्यायलायो से संबंधित सभी आपराधिक एवं दीवानी वाद तथा सीबीआई व यूको बैंक से संबंधित मामलों का निपटारा के लिए जेएम पवन कुमार चौधरी व अधिवक्ता गोपाल कुमार को रखा गया। इस बैंच मे 14 मामलों का निपटारा हुवा।

दसवें बेंच मे जेएम क्रमशः गुलाम रसूल व प्रदीप कुमार के न्यायलायो से संबंधित सभी आपराधिक एवं दीवानी वाद तथा यूबीजीबी बैंक से संबंधित मामलों का निपटारा के लिए जेएम गुलाम रसूल व अधिवक्ता प्रधुम्न कुमार को रखा गया। इस बैंच मे 34 मामलों का निपटारा हुवा।

ग्यारहवें बैंच मे कार्यपालिका से संबंधित वादों का निपटारा के लिए जिला पदाधिकारी अररिया द्वारा गठित किया गया। इस बैंच मे 85 मामलों का निपटारा हुवा।

राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में हेल्प डेक्स में पैनल अधिवक्ता सोहन लाल ठाकुर व सहयोगी के रूप में पैनल अधिवक्ता विनीत प्रकाश सक्रिय दिखे।

वही, बैच कर्लक के रूप में राम प्रवेश कुमार, प्रभाकर कुमार, चन्द्र शेखर, दुर्गानंद साह, दुर्गानन्दन प्रसाद, प्रभु प्रसाद साह, रिंटू कुमार, संतोष कुमार, चन्द्र किशोर व उदय कुमार राज सहित संजय कुमार यादव, दिनेश ठाकुर, सुशील कुमार रॉय, राजीव कुमार सिन्हा, वीरेंद्र प्रसाद, बाला नंद सिंह, विजय कुमार, राम विनोद ठाकुर, स्वाति कुमारी व सुनील कुमार कामत के अलावा डीएलएसए के नीरज कुमार झा, शेखर कुमार, कमलेश कुमार सिंह सहित पीएलवी क्रमश:विमल किशोर झा, धीरज कुमार पासवान, विजय कुमार, धर्मेन्द्र ठाकुर, गणपत मेहता, दीपक कुमार पंडित, मो अरमान व कुमोद कुमार पासवान की भूमिका सराहनीय रही।

वही, मंच का सफल संचालन जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष विनोद प्रसाद ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन एडीजे सह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव धीरेंद्र कुमार ने की।

धारा 504, 379 भादवी के तहत दायर 30 साल पुराने मामले का हुवा निष्पादन

– मामला समाप्ति पर दोनों पक्षों के बीच बाँटी गई मिठाईया।

शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत के पटल पर 30 साल पुराने मामलो मे पक्षकारों ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए मुकदमा का निष्पादन आपसी समझौता के बिंदु पर कराया।

बताया जाता है कि ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मोहम्मद आशिफ नवाज के न्यायालय में चल रहे आपसी विवाद संबंधी 30 साल पुराने एक मामले में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझबूझ से निराकरण संभव हो सका।

खंडपीठ में पीठासीन अधिकारी मोहम्मद आसिफ नवाज व अधिवक्ता कौशल वर्मा शामिल थे. यह मुकदमा 05 मई 1991 को न्यायालय में धारा 504, 370 भादवी के तहत दायर किया गया था।

इस मामले का निपटारा होने के बाद संबंधित वरीय अधिवक्ता सह परिवादी देवेंद्र मिश्र (अररिया निवासी) की ओर से अधिवक्ता कमरुल आलम व विपक्षी रामदेव मिश्र की ओर से अधिवक्ता राजेन्द्र कुमार झा ने संयुक्त रूप से बताया कि मामला 25 सितम्बर 1991 को दोनों पक्षों में हुए विवाद को लेकर वरीय अधिवक्ता देवेंद्र मिश्र के द्वारा 05 मई 1992 को न्यायालय में परिवाद 448/92 दायर किया गया था. मामले का निष्पादन होने पर पक्षकारों के बीच मिठाइय बांटी गई।

11 बैंको मिलकर 4 करोड़ का किया समझौता किया

लोक अदालत में शामिल 11 बैंक मिलकर 79अररिया : राष्ट्रीय लोक अदालत मे 04 करोड़ का समझौता कर 01 करोड़ 85 लाख 12 हज़ार 457 रुपये की वसूली हुई1 मामलो म 03 करोड़ 99 लाख 64 हज़ार 531 रुपये के समझौते करते हुए 01 करोड़ 85 लाख 12 हज़ार 457 रुपये कि वसूली किये।

इस संबंध में एडीजे सह डीएलएसए सचिव धीरेंद्र कुमार ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा ने कुल 273 मामलों में सुलह समझौते के आधार पर निष्पादन किये। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 01 करोड़ 67 लाख 53 हजार 658 रुपये का सेटलमेंट कर 01 करोड़ 5 लाख 6 हज़ार 300 रुपये रिकवरी किया गया।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 223 मामलों में 56 लाख 64 हज़ार 760 रुपये का सेटलमेंट कर 12 लाख 84 हज़ार 898 रुपये रिकवरी किया गया।

उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा 56 मामलों में 48 लाख 5 हज़ार रुपये का सेटलमेंट कर 9 लाख 61 हज़ार रुपये रिकवरी किया गया।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 78 मामलों में 66 लाख 83 हज़ार 919 रुपये का सेटलमेंट कर 33 लाख 83 हज़ार 402 रुपये रिकवरी किया गया।

पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 29 मामलों में 8 लाख 53 हज़ार रुपये का सेटलमेंट कर 1 लाख 13 हज़ार रुपये रिकवरी किया गया।

यूनियन बैंक द्वारा 10 मामलों में 9 लाख 78 हज़ार रुपये का सेटलमेंट कर 3 लाख 82 हज़ार 200 रुपये रिकवरी किया गया।

यूको बैंक द्वारा 63 मामलों में 16 लाख 29 हज़ार 400 रुपये का सेटलमेंट कर 7 लाख 90 हज़ार 100 रुपये रिकवरी किया गया।

इंडियन बैंक द्वारा 14 मामलों में 7 लाख 12 हज़ार 500 रुपये का सेटलमेंट कर 3 लाख 58 हज़ार 500 रुपये रिकवरी किया गया।

को-ऑपरेटिव बैंक द्वारा 21 मामलों में 4 लाख 2 हज़ार 118 रुपये का सेटलमेंट कर 2 लाख 40 हज़ार 707 रुपये रिकवरी किया गया।

बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 6 मामलों में 7 लाख 11 हज़ार 926 रुपये का सेटलमेंट कर 3 लाख 14 हज़ार 400 रुपये रिकवरी किया गया।

कैनरा बैंक द्वारा 18 मामलों में 7 लाख 27 हज़ार 950 रुपये का सेटलमेंट कर 1 लाख 77 हज़ार 950 रुपये रिकवरी किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.