अररिया- विश्व हृदय दिवस पर होगा नि:शुल्क जांच व परामर्श पखवाड़ा का आयोजन।

  • जिले में 01 लाख लोगों को जरूरी जांच व चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य
  • हर एज ग्रुप में बढ़ रहे हैं हर्ट डिजीज के मामले, हृदय रोग से मौत के मामलों में हुआ है इजाफा

अररिया, 25, सितंबर । अव्यवस्थित दिनचर्या, तनाव, गलत खान-पान, पर्यावरण प्रदूषण सहित कई अन्य वजहों से हृदय रोग से जुड़ी समस्या तेजी से बढ़ रही है। छोटी उम्र से लेकर बुजुर्गों का हृदय रोग से पीड़ित होना अब आम बात हो गयी है। हृदय रोग के प्रति जागरूकता पैदा करने व इससे बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से दुनिया भर में हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। जिले में इस आयोजन की सफलता को लेकर जरूरी तैयारियां शुरू हो चुकी है। इस बार विश्व हृदय दिवस के मौके पर 29 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच विभिन्न स्तरों पर नि:शुल्क जांच सह चिकित्सा परामर्श पखवाड़ा आयोजित किया जायेगा। जिला अस्पताल से लेकर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक हृदय रोग के प्रति जागरूकता संबंधी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जायेंगी ।

हृदय रोग के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी

स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने कार्यक्रमों की सफलता को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हृदय रोग से होने वाली मौत के मामले में 53 फीसदी का इजाफा देखा जा रहा है। हर एज ग्रुप में हर्ट डिजीज के मामले बढ़ रहे हैं। अधिकांश मरीज तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। ऐसे में हृदय रोग के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विश्व हृदय दिवस के मौके पर जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, पीएचसी व हेल्थ वेलनेस सेंटर पर विशेष चिकित्सकीय शिविर आयोजित किये जायेंगे। इसमें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज सहित अन्य जांच संबंधी सुविधा प्रदान की जायेगी। चिकित्सा शिविर में भाग लेने वाले लोगों की अनुमानित संख्या के आधार पर जरूरी तैयारी व लॉजिस्टिक का इंतजाम सुनिश्चित कराने का निर्देश उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को दिया। इसे लेकर विभिन्न सरकारी विभागों के बीच जल्द समन्वय बैठक आयोजित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी।

जिले में 01 लाख लाभुकों को लाभान्वित करने की योजना

स्वास्थ्य विभाग ने विश्व हदय दिवस के मौके करीब 01 लाख लोगों को जरूरी स्वास्थ्य जांच से संबंधित सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने बताया कि इसके लिये विशेष रणनीति तैयार की गयी है। इसके पहले चरण में आशा कार्यकर्ता से लेकर स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मियों का जांच सुनिश्चित कराया जायेगा। इस तरह निर्धारित छह चरणों में आईसीडीएस, शिक्षा, जीविका, जिला पंचायती राज के अधिकारी व जन प्रतिनिधियों की जांच की जायेगी। अभियान के दौरान विभिन्न चिकित्सा संस्थान पहुंचने वाले सभी आम नागरिकों को जरूरी जांच व चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी । अभियान से जुड़े आंकड़ों का संधारण किया जायेगा। इसके आधार पर जिले में 30 साल से अधिक उम्र के ब्लड प्रेशर व डायबिटीज से पीड़ित मरीजों का डेटा तैयार किया जायेगा। ताकि मरीजों को जरूरी चिकित्सकीय सुविधा व महत्वपूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा सके।

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