अररिया- सदर अस्पताल को बेहतर प्रसव सेवाओं के लिये मिला राष्ट्रीय लक्ष्य प्रमाणीकरण।

  • लक्ष्य प्रमाणीकरण को लेकर कर्मियों का प्रयास सराहनीय : सिविल सर्जन
  • प्रसव सेवाओं के बेहतरी का प्रयास आगे भी रहेगा जारी

अररिया, 28 अगस्त । सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड को राष्ट्रीय लक्ष्य प्रमाणीकरण प्राप्त हो चुका है। भारत सरकार के राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस कमेटी द्वारा अस्पताल के प्रसव वार्ड को लक्ष्य प्रमाणीकृत घोषित किया गया है। बीते शनिवार राजधानी पटना में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह व अपर कार्यपालक निदेशक केशवेंद्र कुमार ने डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ को राष्ट्रीय लक्ष्य प्रमाणीकरण प्रमाणपत्र सौंपा। इसके बाद से स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मियों में उत्साह व्याप्त है।

बधाई के पात्र हैं लक्ष्य की पूरी टीम

राष्ट्रीय लक्ष्य प्रमाणीकरण प्राप्त होने पर खुशी जाहिर करते हुए सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने कहा कि कर्मियों के अथक प्रयास से सदर अस्पताल को ये महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। इसके लिये लक्ष्य की पूरी टीम बधाई की पात्र हैं। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल की तर्ज पर अनुमंडल अस्पताल फारबिसगंज, सीएचसी सिकटी सहित जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी लक्ष्य प्रमाणीकृत कराने को लेकर जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं।

उपलब्ध प्रसव सेवाओं पर बढ़ेगा लोगों का भरोसा

अस्पताल अधीक्षक डॉ जीतेंद्र प्रसाद ने कहा कि मातृत्व को एक उत्सव का रूप देने के लिये लक्ष्य प्रमाणीकरण महत्वपूर्ण है। लक्ष्य प्रमाणीकरण प्राप्त होने का मतलब है कि प्रसव वार्ड में उपलब्ध सेवाएं पूरी तरह प्रमाणीकृत व क्वालिटी अप्रूव है। इससे सदर अस्पताल की प्रसव सेवाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा। संस्थागत प्रसव में बढोतरी होगी। जो मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिहाज से जरूरी है। अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद ने बताया कि प्रसव वार्ड में कार्यरत कर्मियों की कड़ी मेहनत के दम पर हमें ये महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। प्रसव सेवाओं को बेहतर बनाने का हमारा प्रयास आगे भी जारी रहेगा।

प्रसव सेवाओं की बेहतरी के लिये विभाग गंभीर

डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने बताया कि लक्ष्य एसेसमेंट के सभी मापदंडों पर खरा उतरने के बाद सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड को निर्धारित शर्तों पर लक्ष्य प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है। प्रसव वार्ड के ओटी का संचालन लक्ष्य कार्यक्रम के अनुरूप सुनिश्चित कराना महत्वपूर्ण चुनौती है। इसके लिये संबंधित कर्मियों को सकारात्मक रवैया अपनाते हुए पूरे लगन के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निवर्हन करना होगा। उन्होंने कहा कि मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, गर्भवती माताओं का सम्मान पूर्वक देखभाल आदि लक्ष्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। जिले में प्रसव सेवाओं की बेहतरी के लिये विभाग गंभीर है।

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