अररिया/सिकटी- बिहार के सभी सरकारी स्कूलों मे शिक्षा की हालत बद से बदतर क्यो?

अररिया जिले के सामाजिक कार्यकर्ता दीपक राज ने कहा – शिक्षा में गाँवों की हालत बहुत ही खराब है। गाँवों की साक्षरता दर लगभग 58 प्रतिशत के करीब है जबकि शहरों मे लगभग 80 फीसदी है। ग्रामीण महिलाओं की साक्षरता दर लगभग 46 प्रतिशत के करीब और शहरी महिलाओं की 73 प्रतिशत है। शिक्षा सुधार के नुस्खे यदि उन्हीं लोगों से पूछे गये जिन्होंने इसे बिगाड़़ा है तो वांछित परिणाम नहीं मिलेगा। प्रत्येक विचारवान व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने विचार सामने लाए फिर चाहे उसका उपयोग सरकार द्वारा किया जाए अथवा नहीं। यहां गाँवों की प्राथमिक शिक्षा के विषय से आरम्भ किया जा रहा है।

दीपक राज ने बताया सरकारी स्कूलों में कोई फीस नहीं ली जाती, किताबें मुफ्त मिलती हैं, दोपहर का ताजा भोजन मिलता है, यूनीफार्म और वजीफा भी दिया जाता है। यह सब छोड़कर गाँव का गरीब अपने बच्चों को सरकारी स्कूल के बजाय फीस देकर प्राइवेट स्कूलों में भेजना चाहता है। यह शिक्षा विभाग के मुंह पर एक करारा तमाचा है।

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