अररिया – हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश संजय करोल ने अररिया मे चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट व डिपोजीशन रूम का किया उदघाटन

– उदघाटन सत्र के मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष कमल दीक्षित, जिला पदाधिकारी इनायत खान, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह, एडीजे सह पोक्सो के विशेष न्यायाधीश शशिकांत रॉय मंचासीन रहे

– मंच का सफल संचालन ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पवन कुमार चौधरी व ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आशिफ नवाज़ ने संयुक्त रूप से किया।

नज़रिया न्यूज़ (विकास प्रकाश), अररिया।

…..बच्चे तो बच्चे ही होते हैं, वह गलती करेगा ही लेकिन उसे प्यार व दुलार से समझाना की जरुरत है.

यह बातें पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश संजय करोल ने वर्चुअल मोड मे अपने अभिभाषण के दौरान कही.

बताते चलें कि पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत वर्चुअल मोड़ मे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सोमवार को पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल के द्वारा अररिया न्यायमण्डल मे चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट व डिपोजीशन रूम का उदघाटन किया गया.

वर्चुएल मोड मे पटना हाई कोर्ट के जज सह अररिया न्यायमण्डल के इंस्पेक्टिंग जज चन्द्र प्रकाश सिंह सहित पटना हाई कोर्ट के कई जज भी जुड़े हुए थे.

अररिया न्यायमण्डल मे जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष कमल दीक्षित के नेतृत्व में आयोजित इस उदघाटन समारोह में जिला पदाधिकारी इनायत खान, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सिंह, एडीजे सह पोक्सो के विशेष न्यायाधीश शशिकांत रॉय मंचासीन हुए.

मंच का सफल संचालन ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पवन कुमार चौधरी व ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आशिफ नवाज़ ने संयुक्त रूप से किया.

यह आयोजन न्यायमण्डल अररिया के टेक्निकल कार्यबल सिस्टम ऑफिसर राहुल कुमार के द्वारा विशेष सहयोग दिया गया है.

इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष कमल दीक्षित ने उपस्थित लोगों को बाल मित्र न्यायलय खुलने का मुख्य उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चो को न्यायधीश के समक्ष उपस्थित होने मे किसी भी प्रकार का भय से बचाते हुए उसे एक ऐसे माहौल में लाना, ताकि बच्चो को एक अनुकूल माहौल मिले तथा न्यायधीश इसकी परख कर सके कि बच्चे किस माहौल मे किसी भी अपराध के लिए प्रेरित हुए या शिकार हुए हैं.

यह संकल्पना विश्व के अनेक देशों तथा भारत के कुछ दक्षिणी राज्यों में पूर्व से स्थापित हैं तथा इसी तर्ज पर बिहार के सभी 38 जिलों में भी इसे स्थापित करते हुए बाल हित में एक और आयाम को विकसित किया गया है.

उद्घाटन सत्र के बाद जिला न्यायाधीश श्री दीक्षित व अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा चाइल्ड फ्रेंडली कोर्ट का निरीक्षण कर बाल मनोरंजन रूम, बाल खेल रूम व बाल पुस्तकालय रूम का जायजा लिया गया.

उदघाटन के इस मौके पर अररिया न्यायमण्डल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष कमल दीक्षित, फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज आनंद नंदन सिंह, एडीजे 06 सह पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश शशिकांत रॉय, एडीजे-01 सह एससी/एसटी कोर्ट के स्पेशल जज अभिषेक कुमार दास, एडीजे-2 संजय कुमार रॉय, एक्सक्लुसिव स्पेशल एक्साइज जज-01 राजीव रंजन सिंह, एक्सक्लुसिव स्पेशल एक्साइज जज-2 आनंद कुमार सिंह, एडीजे सह डीएलएसए सेक्रेटरी धीरेंद्र कुमार, सीजेएम संजीव कुमार, एसीजेएम-01 सह सबजज-01 शैलेंद्र कुमार सिंह, एसीजेएम-5 सह सबजज-06 सह एन आई एक्ट के स्पेशल जज रीतू कुमारी, एसडीजेएम अमित वैभव, मुन्सिफ़ मो मंजूर आलम, जेजेबी प्रिसिपल मजिस्ट्रेट गौतम कुमार, फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रीती रॉय, फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सह एडिशनल मुन्सिफ़ क्रमशः आसिफ नवाज, मो गुलाम रसूल, रोहित कुमार वर्मा, शैलेंद्र कुमार, विशाल सिन्हा, पवन कुमार चौधरी, ज्ञान प्रकाश, नवीन कुमार व प्रदीप कुमार सहित जिले बार एसोसिएशन व जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष/महासचिव के अलावा सैकड़ो अधिवक्ता, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक नितेश कुमार पाठक, बाल कल्याण समिति की अनामिका कुमारी, जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार व कोर्ट कर्मी, डीएएलएस पैनल अधिवक्ता, डीएएलएस पीएलवी मौजूद दिखे.

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