मुजफ्फरपुर- फाइलेरिया रोगियों ने सीखा रोग प्रबंधन में किट का इस्तेमाल।

-कई रोगियों ने माना-एमएनडीपी किट से मिलेगी राहत

मुजफ्फरपुर। 26 अगस्त। सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहयोग से मुशहरी तथा मीनापुर में फाइलेरिया रोग के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए शुक्रवार को एमएमडीपी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें फाइलेरिया मरीजों को रोग नियंत्रण एवं प्रबंधन के तरीके बताए गए।
मुशहरी के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 216 तथा मीनापुर के महदेया उप स्वास्थ्य केंद्र में सीफार के राज्य प्रतिनिधि अरनेंदु झा ने फाइलेरिया रोग प्रबंधन में किट के  उपयोग के तरीके को विस्तार पूर्वक बताया। इसमें महादेव सपोर्ट ग्रुप के 12 सदस्यों ने भाग लिया। वहीं मीनापुर के महदेया में शंकर सपोर्ट ग्रुप के 7 सदस्यों ने भाग लिया।
शंकर सपोर्ट ग्रुप की विमला देवी ने बताया कि रोग प्रबंधन तकनीक सीखने के बाद उन्हें फाइलेरिया रोग को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। अब तक रोग प्रबंधन के तरीके नहीं जानने के कारण कई तरह की समस्या हो रही थी। फाइलेरिया के कारण वे चलने में असमर्थ हैं थी। बहुत उपचार के बाद अब कुछ सुधार हुआ है।  किन्तु रोग प्रबंधन तकनीक सीखने और अस्पताल से दवाइयां मिलने के बाद शीध्र ही सुधार होने की उम्मीद बढ़ी है।
महादेव सपोर्ट ग्रुप मुशहरी की संगीता देवी कहती हैं कि एमएमडीपी प्रशिक्षण के बाद आसानी से अपने साथ साथ  ग्रुप के अन्य सदस्यों को भी फाइलेरिया रोग नियंत्रण तकनीक का फ़ायदा होगा। यह तकनीक बहुत ही आसान है और कोई भी फाइलेरिया रोगी इसे सहजता से अपना सकता है।
सीफार मुजफ्फरपुर की समन्वयक नीतू कुमारी ने कहा कि फाइलेरिया हो जाने पर लोगों में अपंगता बढ़ने लगती है। ऐसे में एमएमडीपी किट की सहायता से हांथीपांव के सूजन को कम किया जा सकता है। जिससे चलने फिरने में आसानी होती है।
मुशहरी आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 216 की सेविका कुमारी सत्यप्रभा और आशा ललिता कुमारी ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में फाइलेरिया के प्रसार को देखते हुए सभी प्रभावित गांवों में  प्रशिक्षण कैम्प का आयोजन अच्छी पहल है। जिससे अधिक से अधिक फाइलेरिया मरीजों को लाभ मिल सके और प्रखंड क्षेत्र में फाइलेरिया के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। इसमें सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के जिला समन्वयक नीतू कुमारी, प्रखंड समन्वयक रुपम कुमारी एवं प्रमोद कुमार यादव भी उपस्थित थे।

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