मोतिहारी- एचआईवी से बचाव को जरूरी है जागरूकता : सीएस।

-जिले में 5975 मरीज हैं एड्स के इलाजरत

-असुरक्षित संबंध बनाने, एचआईवी संक्रमित की रक्त चढ़वाने, संक्रमित  सीरिंज के इस्तेमाल से होता है एड्स

मोतिहारी: जिले में एचआईवी संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यह बहुत ही गंभीर समस्या है। इसका मूल कारण है युवाओं और वयस्कों के बीच जागरूकता का अभाव। साथ ही लापरवाही बरतना। उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने कही। उन्होंने बताया कि एड्स एक लाइलाज बीमारी है। जिसके कारण व्यक्ति के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। जिसके कारण साधारण बीमारी भी छूटने का नाम नहीं लेता है। और आदमी धीरे.धीरे उस रोग की गिरफ्त में पूर्णतरू आ जाता है। उन्होंने बताया कि असुरक्षित संबंध बनाने, एचआईवी संक्रमित की रक्त चढ़वाने, संक्रमित सीरिंज के इस्तेमाल से या एचआईवी संक्रमित माता.पिता से होता है। जिसका सही समय पर उपचार नहीं होने के कारण यह आगे चलकर एड्स का रूप धारण कर लेता है। इसलिए एचआईवी के संक्रमण का रोकथाम बहुत जरुरी है।

आईसीटीसी केन्द्र में इलाज की है सुविधा-

एसीएमओ डॉ रणजीत राय ने बताया कि जिले में एचआईवी के 5975 संक्रमित मरीज दवा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार मरीजों की जानकारी गोपनीय रखकर उनका निःशुल्क इलाज किया जाता है। एचआईवी पॉजिटिव मिलने पर मरीजों को सदर अस्पताल के एआरटी केन्द्र भेज दिया जाता है। एड्स काउंसलर मोनिका ओजस्विता ने बताया कि जिले में संक्रमितों में 60 प्रतिशत पुरुष और 25 प्रतिशत महिलाएं व 15 प्रतिशत युवा व ट्रांसजेंडर भी शामिल हैं। भारत नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में पॉजिटिव की संख्या में लगातार वृद्ध हो रही है। वहीं बाहर से आये मजदूर भी संक्रमण लेकर आ रहे हैं।

जन जागरूकता फैलाना है जरूरी-

सदर अस्पताल के एचआईवी एड्स काउंसलर डॉ मिथलेश कुमार बताते हैं कि एचआईवी से बचाव के लिए स्कूलों, कॉलेजों में जन जागरूकता अभियान चलाना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि किशोर, किशोरी कम उम्र में ही मोबाइल व इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं। जिसके कारण वे समय से पहले मानसिक रूप से युवा हो रहे हैं। 12 से 16 वर्ष के बच्चों की शिनाख्त की गई है जो एचआईवी एड्स से पीड़ित हैं। इनमें सबसे ज्यादा सुगौली, घोड़ासहन व मोतिहारी सदर प्रखंड ढ़ाका क्षेत्र के हैं।

मानसिक स्वास्थ्य के साथ स्वच्छता का रखें ध्यान-

एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। क्योंकि ज्यादा चिंता और तनाव स्थिति को खराब कर सकती हैं।ऐसे में मरीज का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। उन्हें स्वस्थ रहने के लिए दोस्तों और परिवार वालों से बात करते रहना चाहिए। अकेलापन से बचना चाहिए।

शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जरुरी उपाय-

एचआईवी संक्रमित व्यक्ति संतुलित आहार का सेवन करें। तनाव मुक्त रहें इसके लिए नियमित तौर पर योग और व्यायाम करें। प्रतिदिन के दौड़ना, पैदल चलना, तैरना, साइकिल चलाना शुरू करे।

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