मोतिहारी- कैंसर जागरूकता परामर्श सप्ताह में बीमारी के शुरूआती लक्षणों की हो रही है जांच।

-जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों पर 14 नवम्बर तक चलेगा  स्वास्थ्य जांच शिविर
-सही समय पर पहचान कर कैंसर को किया जा सकता है नियंत्रित : डॉ पीके सिन्हा
-एनसीडी सेल में 355 मरीजों की हुई जांच, नहीं मिलें एक भी कैंसर के रोगी

मोतिहारी। जिले के सभी 27 प्रखंडों के  स्वास्थ्य संस्थानों में बीते सात से 14 नवम्बर तक राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों की हो जांच की जा रही है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि कैंसर जागरूकता परामर्श सप्ताह के दौरान जिले के सदर अस्पताल के साथ सभी अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों पर निःशुल्क कैंसर रोग परामर्श सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। ताकि लोग कैंसर रोग परामर्श से जागरूक हो और समय पर इसकी पहचान कर सुरक्षित हो सकें।

सही समय पर पहचान कर कैंसर को किया जा सकता है नियंत्रित : डॉ पीके सिन्हा

डॉ  पीके सिन्हा ने बताया कि यदि कैंसर रोग की सही समय पर पहचान कर ली जाएए तो इलाज द्वारा इसको नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव  में लोगों के शरीर में यह विकसित हो जाता है। जब तक लोग इसे जान पाते हैं, तब तक देर हो जाती हैए और लोगों को शारीरिकए मानसिकएआर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ता है।

90 प्रतिशत तक मृत्यु का कारण गैर संचारी रोग

जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ  पीके सिन्हा ने कहा कि आनेवाले समय मे 90 प्रतिशत तक मृत्यु का कारण गैर संचारी रोग ही होंगे। जिनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं कैंसर प्रमुख होंगे।उन्होंने बताया कि शरीर में मुँह, स्तन, गर्भाशय कही भी कैंसर हो सकता है, इसलिए कैंसर रोग के रोकथाम एवं आम जनमानस में इसके प्रति जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 7 नवम्बर से ग्यारह नवम्बर तक मोतिहारी सदर अस्पताल स्थित एनसीडी सेल मं  355 मरीजों की जाँच की गई है।जिसमें एक भी कैंसर के मरीज नहीं पाए गए हैं।
लोगों के बीच जागरूकता फैलाना जरूरी
गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पीके सिन्हा व डॉ स्वाति सिन्हा ने बताया कि आम जनमानस में कैंसर के प्रति जागरूकता फैलानी होगी। ताकि लोग अपने शरीर में होने वाले असामान्य परिवर्तन को पहचाने। उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिविरों में सामान्य कैंसर रोग के संदिग्ध व्यक्तियों को राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों, होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर मुजफ्फरपुर, स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट, इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना एवं महावीर कैंसर अस्पताल पटना में उचित उपचार के लिए रेफर किया जायेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.