मोतिहारी- ग्रामीण चिकित्सकों का हुआ एक दिवसीय प्रशिक्षण।

– डब्ल्यूएचओ द्वारा 30 चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण
– नवजात बच्चों व गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले टीकों के विषय में दी गई जानकारी

मोतिहारी, 18 अगस्त। पूर्वी चम्पारण जिले में ग्रामीण चिकित्सकों को नवजात बच्चों व उनकी माताओं की सुरक्षा हेतु टीकाकरण के संबंध में प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पहाड़पुर प्रखंड में चयनित 30 ग्रामीण चिकित्सकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन कमाल पीपरा उच्च विद्यालय में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण डब्ल्यूएचओ के सहयोग से आयोजित किया गया। कमाल पिपरा उच्च विद्यालय में ग्रामीण चिकित्सकों को पोलियो, मिजिल्स/रुबेला, डिफ्थेरिया, कुकुरखाँसी, टेटनस, अचानक लुंज पुंज हो जाना, लकवा आदि बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया गया तथा सभी बच्चों को जेई का टीकाकरण अनिवार्य रूप से करवाने की अपील की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में डा अरुण कुमार मिश्रा मौजूद थे। कार्यक्रम को संचालित करते हुए डब्लूएचओ के नरोत्तम कुमार ने बताया कि कई जानलेवा रोगों के लिये हमारे पास टीके  मौजूद हैं। छोटे बच्चों को जन्म के समय से हीं टीके दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने विस्तार पूर्वक गर्भवती माताओं को दिए जाने वाले कई प्रकार के टीके के बारे में भी बताया।

टीकाकरण और निगरानी के बल पर ही पोलियो जैसी गम्भीर बीमारी पर काबू पाया गया-

डब्ल्यूएचओ के नरोत्तम कुमार ने बताया कि हमारे यहाँ टीकाकरण और उसकी कड़ी निगरानी के बल पर ही पोलियो जैसी गम्भीर बीमारी पर काबू पाया गया है। अब सरकार मिजिल्स/रुबेला के उन्मूलन के लिए अभियान चला रही है। इसके लिए आवश्यक है कि जहाँ भी इन रोगों का लक्षण दिखाई दे तो तत्काल इसकी सूचना नजदीकी हॉस्पिटल को दिया जाना चाहिये, ताकि समय पर इसकी जाँच की जा सके।

रोगों के उन्मूलन के लिए समय पर रोग का पता होना आवश्यक-

डा अरुण कुमार ने कहा कि रोगों के उन्मूलन के लिए सही समय पर रोगों का पता होना आवश्यक है। लोगों को विभिन्न रोगों से बचाव को जागरूक किया जाना भी आवश्यक है। आज के कार्यशाला में अनिकेत कुमार, संध्या कुमारी, अवधेश प्रसाद, देवेन्द्र दुबे इत्यादि मौजूद थे।

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