मोतिहारी- घर-घर घूमकर टीबी रोगियों का किया जा रहा है निरीक्षण।

– टीबी के सरकारी एवं निजी तौर पर इलाज करा रहे मरीजों को भी मिल रही है मदद
– दवाई खाना बीच में न छोड़ने की नसीहत

मोतिहारी , 23 अगस्त। जिले के तुरकौलिया, अरेराज, संग्रामपुर, कोटवा, पहाड़पुर समेत अन्य प्रखंडों में घर-घर घूम कर टीबी रोगियों का निरीक्षण किया जा रहा है। पूर्वी चम्पारण के सीडीओ डॉक्टर रंजीत राय और डॉक्टर्स फॉर यू के जिला समन्वयक रंजन कुमार वर्मा ने बताया कि डोर टू डोर घूमकर टीबी के रोगियों की वस्तु स्थितियों का आकलन किया जा रहा है। पता लगाया जा रहा है कि डॉक्टर्स फॉर यू संस्था जो टीबी रोगियों की जांच से लेकर दवा तक फ्री उपलब्ध करा रही हैं, वह टीबी मरीजों को सही समय से मिल रही हैं या नहीं।

पीपीएसए कार्यक्रम का टीबी रोगियों को मिलता है लाभ-

जिला समन्वयक रंजन कुमार वर्मा ने बताया कि टीबी रोगियों के सहयोग के लिए पीपीएसए कार्यक्रम चलाया जा रहा हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्राइवेट सेक्टर में इलाज कराने वाले सभी टीबी मरीजों को भरपूर लाभ मिल रहा हैं। सीडीओ डॉक्टर रंजीत राय और समन्वयक रंजन कुमार वर्मा द्वारा लगभग 27 टीबी रोगियों के घर-घर घूमकर कर निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीजों की  सुविधा के लिए जांच से लेकर टीबी की दवा तक सभी प्राइवेट क्लिनिक पर मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। दस प्राइवेट क्लिनिक को मिलाकर एक हब सेंटर बनाया गया हैं। जहाँ टीबी के केस निकलते हैं, उसे वहीँ दवा उपलब्ध कराई जाती है।

दवाई खाना बीच में न छोड़ें, डोज पूरी करें-

डॉ रंजीत राय ने बताया कि क्षय रोग की दवा बीच में छोड़ना खतरनाक है। पूरा कोर्स करना जरूरी है। बीच में दवा छोड़ने से वे पुनः टीबी के शिकार बन सकते हैं, जिनका उपचार मुश्किल हो जाता है।

सरकार द्वारा टीबी मरीजों को मिलती है सहायता-

टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से प्रति माह 500 रुपये की पोषाहार की राशि सहायता के रूप में दी जाती है। इस मौके पर सीडीओ डॉ रंजीत राय, डॉक्टर्स फॉर यू के जिला समन्वयक रंजन कुमार वर्मा, एसटीएस अतुल मिश्रा, नागेश्वर सिंह, कवेंद्र कुमार, आदित्य कुमार, रूपेश कुमार शर्मा, यश राज आदि उपस्थित थे।

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