मोतिहारी- परिवार नियोजन में पुरूष भी निभाएँ अपनी जिम्मेदारी: सीएस।

– प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने सारथी रथ को किया रवाना
– परिवार नियोजन मेला में लोगों को किया जा रहा है जागरूक
– महिला बंध्याकरण की अपेक्षा पुरुष नसबंदी अत्यधिक सरल और सुरक्षित

मोतिहारी, 24 नवम्बर। जिले में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अभियान चलाकर मिशन परिवार विकास अभियान के तहत दंपति संपर्क सप्ताह मनाया गया। इस दौरान लोगों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया गया। सिविल सर्जन डॉ.अंजनी कुमार ने बताया कि सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में सारथी रथ के माध्यम से जन समुदाय में माइकिंग कर लोगों को परिवार नियोजन में महिला के साथ पुरूष बंध्याकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

– परिवार नियोजन मेला का हुआ आयोजन

सदर स्वास्थ्य केंद्र मोतिहारी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रवण कुमार पासवान ने बताया कि मिशन परिवार विकास अभियान के अंतर्गत महिला चिकित्सक, आशा, एएनएम , व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से चयनित स्थानों यथा गोड़वा, पठपरिया, बरवा पंचायत आदि में परिवार नियोजन मेला का आयोजन किया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान आशा द्वारा कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों का वितरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य प्रबंधक संध्या कुमारी ने बताया कि लक्ष्मीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर 300 निरोध, 20 स्ट्रिप माला, 34 स्ट्रिप छाया, 10 अंतरा, 21 निक्षय आदि सामग्रियों का वितरण किया गया। वहीँ लोगों को बढ़ती जनसंख्या से बचने के तरीक़े बताए गए।लोगों को बताया जा रहा है कि परिवार नियोजन के साधनों को अपनाकर अनचाहे गर्भ से बचा जा सकता है।

– 4 दिसंबर तक “परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा ”

डीसीएम नन्दन झा ने बताया कि 21 नवंबर से 4 दिसंबर तक “परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा” का आयोजन किया गया है । इसमें स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले योग दंपति को गर्भनिरोधक के संबंध में परामर्श देते हुए इच्छित गर्भ निरोधक साधन अथवा सेवा इच्छा अनुसार उपलब्ध करायी जा रही है ।

– महिला नसबंदी से भी सरल प्रक्रिया है पुरूष नसबंदी

सिविल सर्जन डॉ. अंजनी कुमार ने बताया कि पुरुष नसबंदी महिला बंध्याकरण की अपेक्षा अधिक सुरक्षित और सरल है। इसके लिए न्यूनतम संसाधन, बुनियादी ढांचा और न्यूनतम देखभाल की आवश्यकता है। पुरुष नसबंदी को लेकर समाज में कई प्रकार का भ्रम फैला हुआ है। इस भ्रम को तोड़ना होगा। छोटा परिवार सुखी परिवार की अवधारणा को साकार करने के लिए पुरुष को आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाने की जरूरत है।

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