मोतिहारी- सदर अस्पताल में मिल रही है डायलिसिस की बेहतर सुविधाएं।

– प्रतिदिन लगभग 40 से 50 मरीजों का होता है डायलिसिस
– राशनकार्ड धारियों के लिए फ्री व अन्य के लिए 1634 रुपये देय

मोतिहारी, 17 अगस्त। मोतिहारी के सदर अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। यहाँ प्रतिदिन लगभग 40 से 50 मरीजों को इसकी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। यहाँ जिले एवं जिले के बाहर के मरीज भी किडनी की समस्या के समाधान के लिए डायलिसिस की सुविधा ले रहे हैं- ये  बातें जिले के सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने कही। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल कैम्पस में ही ये सुविधाएं उपलब्ध हैं जिससे मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

मरीजों को यहां पर बेहतर सेवा दी जाती है-

डॉ अभिराम साह, विपुल कुमार ने बताया कि मरीजों को यहां पर बेहतर सेवा दी जाती है, जिससे मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

एपीएल, बीपीएल व राशन कार्ड वालों को फ्री सेवा-

डॉ अभिराम साह ने बताया कि यहां प्रतिदिन पीपीपी प्रोजेक्ट चालू है। सदर अस्पताल में फ्री डायलिसिस और पेड डायलिसिस दोनों सुविधाएं दी जाती हैं। जिनके पास एपीएल, बीपीएल कार्ड, राशन कार्ड उपलब्ध है, उनके लिए सदर अस्पताल में सरकार द्वारा फ्री सेवा उपलब्ध है। वहीं अन्य लोगों के लिए मात्र 1 हजार 634 रुपये में डायलिसिस की सेवा उपलब्ध है। यहाँ 9 बेड की सुविधा दी जा रही है और आधुनिक तकनीक से डायलिसिस किया जाता है।

किडनी का काम है ब्लड को फिल्टर करना-

डॉ साह ने बताया कि किडनी का काम है ब्लड को फिल्टर करना एवं शरीर के टॉक्सिन को पेशाब के रास्ते निकालना। जिनको यह समस्या है उनके शरीर में टॉक्सिन पेशाब से बाहर नहीं निकल पाता है। अंदर ही रह जाता है, जिसके कारण किडनी में समस्याएं आती हैं। उसे ही मशीन द्वारा डायलिसिस करके बाहर निकाला जाता है। इसके बाद मरीज स्वस्थ महसूस करता है। डायलिसिस नहीं देने पर मरीज को भूख नहीं लगती, सांस लेने में दिक्कत होती है, पैर हाथ में सूजन हो जाता है। ऐसे मरीजों को डायलिसिस की आवश्यकता होती है। ब्लड की कमी हो जाती है जिसे बार-बार हीमोग्लोबिन भी चढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है

किडनी की सुरक्षा हेतु उपाय-

सीएस डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि किडनी की सुरक्षा हेतु इन सावधानियों को बरतने की आवश्यकता है। ब्लड शुगर के मरीज को ब्लड शुगर की नियमित जांच कराते रहनी चाहिए। बीपी को कंट्रोल रखना चाहिए क्योंकि 80 परसेंट डायलिसिस वाले मरीज ब्लड शुगर और हाइपरटेंशन के ही होते हैं। अपने डॉक्टर से मिलकर बराबर जांच कराएं, अपनी बीमारी को हल्के में ना लें, संतुलित आहार लिया जाए, व्यायाम व चहलकदमी कर किडनी फेल्योर से बच सकते हैं।

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