वैशाली- परिवार नियोजन पर शहरी आशा और एएनएम का एकदिवसीय प्रशिक्षण संपन्न।

– दो बच्चों के बीच रखें पर्याप्त समय का अंतर
– परिवार नियोजन में पुरुषों को भी आना होगा आगे

वैशाली, 27 अगस्त। जिला स्वास्थ्य समिति वैशाली, पाथ फाइंडर इंटरनेशनल एवं आरके फाउंडेशन के सहयोग से शनिवार को हाजीपुर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवार नियोजन कार्यक्रम के उन्नयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन डीसीएम निभा रानी ने किया। इस कार्यशाला में वैशाली शहरी प्राथमिक केंद्रों में कार्यरत आशा एवं एनएनएम को परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों को युवा दम्पत्तियों के बीच  प्रसार करने हेतु काउंसिलिंग एवं अंतर व्यैक्तिक संवाद स्थापित करने के बारे में बताया गया। जिससे आशा एवं एएनएम युवा दंपत्तियों के बीच प्रभावी तरीकों से गर्भ निरोध के साधनों की मांग को बढ़ा सकने में सक्षम हो सकें।
डीसीएम निभा रानी ने जिला के शहरी क्षेत्र में चलाए जा रहे परिवार नियोजन कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया एवं कहा कि पाथ फाइंडर इंटरनेशनल के इस परियोजना के अंतर्गत इन कार्यक्रमों के उन्नयन हेतु तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
पाथ फाइंडर के डॉ राकेश झा ने  इस कार्यक्रम के महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की और बताया कि वह कार्यक्रम आरके फाउंडेशन द्वारा वित्तपोषित  है।  देवव्रत भूनिया ने शहरी क्षेत्र में परिवार नियोजन हेतु दो बच्चों के जन्म के बीच पर्याप्त अंतराल रखने और इससे होने वाले फायदे के बारे में बताया। इसके अलावा सुहाषिणी एवं अंकिता कुमारी ने परिवार नियोजन के विभिन्न विधाओं के बारे में प्रतिभागी को विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के सफल संचालन में सिमरन और अल्पना का सराहणीय योगदान रहा।

परिवार नियोजन में पुरूष भागीदारी जरूरी-
प्रशिक्षण के दौरान डीसीएम निभा रानी ने कहा कि परिवार नियेाजन में पुरुषों की भागीदारी बहुत ही जरूरी होती है। अक्सर यह देखा गया है कि महिलाएं ही अक्सर परिवार नियेाजन के लिए आगे आती हैं। जबकि पुरुषों की नसबंदी महिलाओं की तुलना में आसान और प्रभावी होती है।

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