शिवहर- निक्षण पोषण योजना का लाभ देने में शिवहर दूसरे स्थान पर।

  • जिले में कुल 814 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 15 लाख 500 रूपये का भुगतान किया गया

शिवहर। 23 नवंबर। निक्षण पोषण योजना की राज्य स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार, लोगों को योजना का लाभ देने के मामले में शिवहर बिहार में दूसरे स्थान पर रहा है। अभियान के अंतर्गत सात नवम्बर 2022 तक पोषण राशि के भुगतान, खर्च, रैंकिंग में शिवहर जिला दूसरे स्थान पर आया है। जिले में कुल 814 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत   पन्द्रह लाख पांच सौ  रूपये का भुगतान किया गया है। जिला यक्ष्मा केंद्र में कार्यरत डॉट प्लस सुपरवाइजर सुधांशु शेखर रोशन ने बताया कि प्रधानमंत्री के 2025 तक टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने की दिशा में जिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की निक्षण पोषण योजना के तहत जिले में 814 टीबी मरीजों को 15 लाख 500 रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जिले को 15 लाख 22 हजार 500 रूपये  उपलब्ध करायी गई थी। मांग के उपरांत जिले को 12 लाख रूपये और उपलब्ध करायी गई है। जिससे शेष बचे टीबी मरीजों को और नए आने वाले मरीजों को  भुगतान किया जा सकेगा।

टीबी रोगियों को प्रतिमाह मिलते हैं 500:

टीबी रोगियों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने के लिये अप्रैल 2018 में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के रूप में निक्षय पोषण योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत टीबी रोगियों को उपचार की पूरी अवधि के लिये प्रतिमाह 500 रुपए मिलते हैं। इसका उद्देश्य पोषण संबंधी जरूरतों के लिए डीबीटी के माध्यम से प्रति माह 500 रुपए की राशि प्रदान कर टीबी रोगी की सहायता करना है।  टीबी से लड़ने में दवा के अलावा पोषण युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी बहुत जरूरी होता है।

निक्षय मित्र बन जिला को टीबी मुक्त करने में सहयोग दें:

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जेड जावेद ने कहा कि जिस तरह सरकार निक्षय पोषण योजना के माध्यम से, टीबी रोगियों की मदद कर रही है उसी तरह से जिले के लोग सामाजिक दायित्व के तहत निक्षय मित्र योजना से जुड़कर जिला को टीबी मुक्त करने में योगदान दे सकते हैं । उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र योजना एक तरह से टीबी रोग से पीड़ित लोगों को गोद लेने की योजना है। इस योजना के तहत कोई भी सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल, गैर सरकारी संस्थान, कॉर्पोरेट संस्थान टीबी के मरीज को गोद ले सकता है। इस अभियान के तहत व्यवस्था की गई है कि निक्षय मित्र बनने वाला व्यक्ति या संस्था कम से कम एक वर्ष के लिए और अधिक से अधिक तीन साल के लिए किसी गां व, वार्ड, पंचायत, ब्लॉक या जिले के किसी टीबी रोगी/रोगियों को गोद लेकर उन्हें भोजन, पोषण  और आजीविका के स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध करा सकते हैं।

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