सीतामढ़ी- कालाजार नियंत्रण के लिए 47 छिड़काव दल रवाना।

-द्वितीय चक्र के आईआरएस छिड़काव का डीएम ने किया शुभारम्भ
-60 दिनों तक 1 लाख 61 हजार 203 घरों में चलेगा छिड़काव

सीतामढ़ी,  5 सितंबर। डीएम मनेश कुमार मीणा ने सोमवार को भीबीडी नियंत्रण कार्यालय में कालाजार नियंत्रणार्थ  द्वितीय चक्र छिड़काव के आईआरएस छिड़काव का शुभारम्भ किया। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर छिड़काव दल तथा कालाजार उन्मूलन रथ को रवाना किया। ये टीमें प्रभावित गांवों मे जाकर बालू-मखी के नाश के लिए सिंथेटिक पैराथायराइड (एसपी) का छिड़काव करेगी।
इससे पूर्व, जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कालाजार, डेंगू, जेई और फाइलेरिया मुक्त संदेश का गुब्बारा भी उड़ाया गया। जिलाधिकारी ने कालाजार उन्मूलन में  उत्कृष्ट कार्य कर राष्ट्रीय स्तर पर मिशाल कायम करने के लिए जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी एवं सभी कर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जिले में एक समय 1200 से अधिक कालाजार के मरीज थे। लेकिन इस वर्ष अबतक मात्र 12 मरीज का मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि है। शीघ्र ही हम शून्य कालाजार का आंकड़ा प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने जिले वासियों से अपील की कि वे अपने घरों में एसपी छिड़काव में दल का हर संभव सहयोग करें।

घर की सभी दीवारों पर पूर्ण छिड़काव-

सिविल सर्जन डा. सुरेश चंद्र लाल ने कहा कि छिड़काव कार्य का सघन पर्यवेक्षण किया जाएगा। छिड़काव कर्मियों से उन्होंने कहा कि सभी घरों में जमीन से 6 फीट दीवारों पर बताये गये तरीके से छिड़काव करें तथा 3 माह तक लीपा-पोती नहीं करने का संदेश दें। उन्होंने बताया कि छह फीट तक सभी घरों के कमरे, गौशाला, रसोई घर की सभी दीवार पर दवा का छिड़काव किया जाएगा। छत अथवा सीलिंग में छिड़काव नहीं किया जाएगा। दवा छिड़काव से दो दिन पहले आशा गांव के लोगों को सूचना देंगी।

60 दिनों तक 1 लाख 61 हजार 203 घरों में होगा छिड़काव-

जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रवींद्र कुमार यादव ने बताया कि इस वर्ष इस चक्र में 15 प्रखण्डों के 114 कालाजार प्रभावित गाँवों में सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव किया जाएगा। 60 दिनों तक 47 छिड़काव दलों द्वारा 1 लाख 61 हजार 203 घरों की 8 लाख 61 हजार 663 की जनसंख्या को आच्छादित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15 दिन से अधिक बुखार वाले मरीज को खोजकर जाँच किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार भीएल मरीजों के लिए 7100 रूपये तथा पीकेडीएल मरीजों के लिए 4000 रूपये श्रम क्षतिपूर्ति भत्ता देती है।

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