सीतामढ़ी- कालाजार प्रभावित क्षेत्रों में सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव 5 सितंबर से।

  • 60 दिनों तक चलेगा अभियान

सीतामढ़ी। 31 अगस्त। कालाजार उन्मूलन के लिए घर-घर जाकर सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव होगा। इस दूसरे चक्र में छिड़काव 5 सितंबर से शुरू होगा। इस दौरान छिड़काव कर्मी लक्षण वाले कालाजार मरीजों की खोज भी करेंगे। यह अभियान कुल 60 दिनों तक चलेगा। छिड़काव कार्य योजना वर्ष 2019, 2020, 2021 एवं जून 2022 तक प्रतिवेदित मरीजों के आधार पर चयनित स्थलों पर की जायेगी। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि दवा छिड़काव के संबंध में आम लोगों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि वे अपने घरों में छिड़काव के लिए निर्धारित तिथि को सक्रिय सहयोग कर सकें। छिड़काव से पूर्व प्रखंडों में माइकिंग भी होगी।  इसके माध्यम से छिड़काव की तिथि एवं छिड़काव पूर्व घरेलू स्तर पर की जाने वाली तैयारी की जानकारी दी जायेगी। छिड़काव से होने वाले लाभ एवं कालाजार रोग के लक्षण, उपचार एवं बचाव संबंधी जानकारी भी दी जाएगी।

छह फीट तक सभी घरों के कमरों में छिड़काव-

छिड़काव का घोल प्रति 7.5 लीटर पानी में 125 ग्राम सिंथेटिक पैराथायराइड पाउडर मिलाकर तैयार किया जाएगा। दवा छिड़काव से दो दिन पहले आशा गांव के लोगों को फिर सूचना देंगी। एनवीबीडीसीपी भारत सरकार द्वारा इस चक्र में छिड़काव के मापदंड में बदलाव करते हुए छह फीट तक ही सभी घरों के कमरे, गौशाला, रसोई घर की पूरी दीवार पर करने को कहा गया है। छत अथवा सीलिंग में छिड़काव नहीं किया जाएगा।

माइक्रो प्लान के तहत होगा छिड़काव-

छिड़काव के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया जा रहा है। छिड़काव कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। इसके बाद कर्मी ससमय तय माइक्रो प्लान के अनुसार क्षेत्रों में जाकर कार्य आरंभ करेंगे। चक्र आरंभ होने के पूर्व सभी दलों को छिड़काव से संबंधित आवश्यक उपकरण उपलब्ध करा दिए जायेंगे। गुणवत्तापूर्ण छिड़काव की दृष्टि से अभियान का पर्यवेक्षण किया जाएगा। आवश्यक सुधार के लिए निर्देश दिया जायेगा। पैची छिड़काव एवं ओवरलैपिंग पर कड़ी निगरानी रखी जायेगी। प्रत्येक दल के दल नायक छिड़काव पंजी का संधारण करेंगे।

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