सीतामढ़ी- जन जागरूकता से टीबी रोग पर लगेगा अंकुश।

– जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए किया जा रहा है जागरूकता संबंधी गतिविधियों का संचालन

सीतामढ़ी। 11 अगस्त। देशभर में टीबी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन यह लक्ष्य तभी पूरा हो पाएगा, जब लोग इसके प्रति जागरूक होंगे और मरीज दवा लेते हुए पूरा इलाज करवाएंगे। ये बातें जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी के चलते  टीबी के मरीजों का ग्राफ बढ़ने की संभावना बनी रहती है। लोग समय पर जांच नहीं करवाते, जिस कारण बाद में यह बीमारी खतरनाक रूप धारण कर लेती है। हालांकि सीतामढ़ी में लोगों को टीबी को लेकर जागरूक किया जा रहा है और घर-घर जाकर संदिग्धों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी से उन्मूलन में जन जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जागरूकता से इसपर अंकुश लगाने में काफी मदद मिलेगी। इसके लिए अभियान जारी है।  टीबी उन्मूलन के प्रयासों को मजबूती देने के लिए जागरूकता संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

टीबी के खिलाफ मिलकर लड़ने की जरूरत-

डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि टीबी  संक्रामक बीमारी है। जड़ से मिटाने के लिए हम सभी को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टीबी को मात देना मुश्किल नहीं है। बस नियम से दवाएं लेते रहने की जरूरत है। इस जानकारी को देने के लिए वे खुद भी मरीजों से मिलते रहते हैं। वे टीबी मरीजों के दवा सेवन, उनके खानपान, रहने व सोने के तरीकों, मास्क के उपयोग समेत अन्य दिनचर्या की जानकारी देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त सीतामढ़ी के लिए जिलेवासियों का सहयोग मील का पत्थर साबित होगा।

टीबी की विश्वसनीय जांच व इलाज की सुविधा-

डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि जिले में टीबी की विश्वसनीय जांच व सम्पूर्ण इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए जैसे ही आपको टीबी के लक्षण दिखे, न घबराएं व लजाएं। सीधे निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पर जाएं और डॉक्टर से सलाह व मुफ्त में दवा लेकर इसका सेवन शुरू कर दें। अधिक से अधिक लोग टीबी के लक्षणों के बारे में जानें और अपने आसपास रहने वाले लोगों में यदि इनमें में से कोई लक्षण दिखे तो जांच के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को बेहतर खान-पान व पोषण का ध्यान रखने के लिये सरकार निक्षय पोषण योजना के तहत प्रति माह 500 रुपये सहायता राशि के तौर पर भुगतान करती है। विभाग द्वारा नोटिफाइड टीबी मरीजों को नियमित रूप से संबंधित राशि का भुगतान किया जा रहा है।

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