सीतामढ़ी- निजी चिकित्सक टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन कराकर सरकार के संकल्प में मददगार बनें।

  • यक्ष्मा के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी का प्राइवेट सेक्टर में टीबी नोटिफिकेशन बढ़ाने का निर्देश

सीतामढ़ी,  22 नवंबर। भारत को वर्ष 2025 तक क्षय रोग मुक्त बनाने व प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने को लेकर जिले में नए-नए प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत निजी चिकित्सकों और अस्पतालों को टीबी नोटिफिकेशन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। सरकारी क्षेत्र के सापेक्ष निजी क्षेत्र में टीबी नोटिफिकेशन कम है। इसको ध्यान में रखते हुए यक्ष्मा के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. बीके मिश्र ने पत्र लिख कर प्राइवेट सेक्टर में टीबी नोटिफिकेशन बढ़ाने का निर्देश दिया है। पत्र के माध्यम से कहा गया है कि 2022 में बचे शेष दिनों में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करें। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया  कि जिले में प्राइवेट नोटिफिकेशन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए निजी क्षेत्र के चिकित्सकों को भी आगे आना होगा।

प्राइवेट डॉक्टर से संपर्क कर मरीज को नोटिफाई करें:

पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि पीपीएसए फील्ड कोऑर्डिनेटर, फील्ड ऑफिसर और एनटीईपी कर्मी चिन्हित प्राइवेट डॉक्टर से संपर्क कर उपचाररत रोगी को नोटिफाई करना सुनिश्चित करें। साथ ही बाकी प्राइवेट प्रैक्टिशनर से सम्पर्क कर निश्चित पोर्टल पर नोटिफाई किया जाए।

टीबी मरीज के नोटिफिकेशन पर मिलते हैं 500:

डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि निजी चिकित्सकों को प्रति टीबी मरीज के नोटिफिकेशन पर 500 रुपए और सफलतापूर्वक इलाज पूरा होने पर 500 रुपए दिए जाते हैं। लिहाजा निजी चिकित्सक अपने मरीज का नोटिफिकेशन कराकर सरकार के संकल्प में मददगार बनें और प्रोत्साहन राशि भी पाएं। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन इसलिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे जहां एक ओर मरीजों की शीघ्र पहचान हो सकेगी, वहीं जल्द से जल्द उनका उपचार शुरू कर बीमारी से मुक्ति दिलाई जा सकेगी।

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