सीतामढ़ी- बॉर्डर से सटे जिले के पांच प्रखंडों में चलेगा पल्स पोलियो अभियान।

  • पड़ोसी देशों में पोलियो वायरस के संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग का फैसला

सीतामढ़ी, 2 सितंबर। पड़ोसी देशों में पोलियो वायरस के संक्रमण को देखते हुए राज्य में पोलियो वायरस के पुनः आने का खतरा बना रहता है। इस खतरे से बचाव के लिए राज्य के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से सटे जिलों में पल्स पोलियो अभियान नियमित रूप से चलाया जाता है। वर्तमान में यह अभियान कोविड 19 के कारण बाधित हुआ था। जिसे फिर से शुरू किया जा रहा है। सीतामढ़ी जिला के बॉर्डर एरिया से सटे मेजरगंज, सुरसंड, परिहार, सोनवर्षा, बैरगनिया में पूर्व की भांति उच्च गुणवत्ता के पल्स पोलियो अभियान नियमित रूप से चलाते हुए शत प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचना है। पोलियो अभियान चला कर बॉर्डर इलाकों में नौनिहालों को दो बूंद जिंदगी की पिलायी जायेगी।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को भेजा गया पत्र-

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एके झा ने बताया कि इस संबंध में संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से सूचित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि टीकाकर्मियों का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण करने के लिए निर्देशित किया गया है। कार्यरत टीकाकर्मियों एवं पर्यवेक्षकों का शतप्रतिशत प्रशिक्षण सुनिश्चित किया गया है। सभी दलकर्मियों को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य ट्रांजिट स्थलों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, चौक चौराहों आदि पर प्रशिक्षित टीकाकर्मियों को नियुक्त कर लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक देना जरूरी है।

सभी सदस्य क्षेत्रों में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका-

प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एके झा ने कहा कि अभियान के तहत शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को हाउस टू हाउस जाकर पोलियो की खुराक पिलायी जाएगी। इसके अलावा बस पड़ाव, चौक चौराहों व बाजारों आदि जगहों पर प्रशिक्षित टीका कर्मियों द्वारा वहां से गुजरने वाले सभी लक्षित बच्चों को पोलियो की खुराक पिलायी जाएगी। उन्होंने बताया कि पोलियो अभियान की तैयारी शुरू कर दी गई है। अभियान के लिए प्रखंड स्तर पर टीम गठित जाएगी। हाउस टू हाउस टीम, मोबाइल टीम, चौक चौराहों के लिए टीम का गठन किया जाएगा। टीम के सभी सदस्य अपने क्षेत्रों में कार्यक्रम की सफलता में भूमिका निभाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.